
पहले सिंह परियोजना पर 60 करोड़ बहा दिए, अब चीता प्रोजेक्ट पर खर्च हो गए 44 करोड़
श्योपुर,
पिछले 28 सालों में 25 गांवों के विस्थापन का दंश झेल चुके कूनो नेशनल पार्क पर अब तक सिंह परियोजना और चीता प्रोजेक्ट पर लगभग 100 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च हो चुके हैं। इसमें पहले सिंह परियोजना के तहत एशियाई शेर बसाने ेके लिए लगभग 60 करोड़ रुपए तैयारियों में खर्च कर दिए, वहीं अब बीते 2 सालों में ही चीता प्रोजेक्ट पर 44 करोड़ रुपए से अधिक की राशि खर्च हो गई है। हालंाकि चीता प्रोजेक्ट आने के बाद कूनो में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है, लेकिन चीतों की हो रही लगातार मौतों और पिछले दिनों लापरवाही में एक शावक का पैर टूटने से प्रोजेक्ट पर कई सवाल भी उठ रहे हैं।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम पर खर्च हुए 75 लाख
कूनो में चीता प्रोजेक्ट को लेकर विजयपुर विधायक रामनिवास रावत ने विधानसभा में सवाल उठाया कि चीता परियोजना प्रारंभ किए जाने से अभी तक कितनी राशि किस मद में खर्च की गई है, साथ ही चीता परियोजना के शुभारंभ के समय प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में कितनी राशि किस मद से खर्च की गई। जिसके लिखित जवाब में वनमंत्री नागर सिंह चौहान ने बताया है कि परियोजना के प्रारंभ 2021-22 से अभी तक 44 करोड़ 14 लाख 4 हजार रुपए की राशि खर्च की जा चुकी है। इसके साथ ही 17 सितंबर 2022 में प्रधानमंत्री द्वारा चीतों को राष्ट्रीय उद्यान में छोड़े जाने के कार्यक्रम में 75 लाख 44 हजार रुपए की राशि का व्यय आइओसीएल मद से किया गया है।
सिंह परियोजना पर खर्च हुए थे 60 करोड़
चीता प्रोजेक्ट से पहले कूनो नेशनल पार्क केा गुजरात के गिर में बसे एशियाई सिंह का दूसरा घर बनाने के लिए तैयार किया गया था। इसके लिए लगभग 20 साल में केंद्र और प्रदेश सरकार ने 60 करोड़ रुपए खर्च किए थे। इस संबंध में एक सवाल के जवाब में विधानसभा में दिए जवाब में वनमंत्री चौहान ने बताया कि कूनो पर वर्ष 1996-97 से 2015-16 तक विभिन्न मदों में केन्द्रीय योजनाओं में 24 करोड़ 6 लाख 29 हजार रुपए की राशि खर्च हुई, वहीं राज्य की योजनाओं में 35 करोड़ 31 लाख 61 हजार रुपए की राशि खर्च की गई। इस संबंध में दिए लिखित जवाब में वनमंत्री ने माना कि प्रदेश सरकार कूनो में एशियाई सिंह बसाने के लिए गंभीर है।
20 विस्थापितों को अभी मुआवजे का इंतजार
कूनो पार्क की सीमा में बसे 24 गांवों को 1996 से 2022 तक विस्थापित किया गया था। इनमें कुल 1545 परिवारों को विस्थापित किया गया। लेकिन इनमें से 20 विस्थापितों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। इस संबंध में जवाब देते हुए वनमंत्री चौहान ने बताया कि 20 विस्थापितों को 288081 रुपए का मुआवजा भुगतान की कार्यवाही अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) विजयपुर द्वारा की जा रही है।
कूनो में पर्यटन से दो साल में 10 लाख की आय
विधायक रावत ने सवाल उठाया कि क्या कूनो में चीतों के लिए अनुकूल वातावरण न होने और यहां क्षमता से अधिक चीतों को बसाने पर विशेषज्ञों ने सवाल उठाएं हैं, तो उसके जवाब में वनमंत्री चौहान ने कहा है कि चीतों के लिये अनुकूल वातावरण न होने, आवश्यकता से अधिक चीतों को बसाने, चीतों के सर्वाइव न कर पाने के संबंध में चीता विशेषज्ञों द्वारा कोई रिपोर्ट इस कार्यालय को उपलब्ध नहीं कराई गई। हां, चीतों को बसाने के बाद से राष्ट्रीय उद्यान में पर्यटकों की संख्या में निरंतर वृद्धि हुई है। वर्ष 2022 एवं 2023 में कूनो में 7 हजार 813 पर्यटक आए, जिसमें 14 विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं। इनसे कूनो को 9 लाख 98 हजार 368 रुपए की आय हुई है।
Published on:
15 Feb 2024 11:58 am
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