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टाइगर के फेर में 27 गांव सहित शहर के लोगों की उड़ी नींद

टाइगर के फेर में 27 गांव सहित शहर के लोगों की उड़ी नींद नेशनल पार्क से एक किमी तक ईको सेंसटिव जोन बनाने का फरमान

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टाइगर के फेर में 27 गांव सहित शहर के लोगों की उड़ी नींद

टाइगर के फेर में 27 गांव सहित शहर के लोगों की उड़ी नींद

टाइगर के फेर में 27 गांव सहित शहर के लोगों की उड़ी नींद

नेशनल पार्क से एक किमी तक ईको सेंसटिव जोन बनाने का फरमान

शिवपुरी. जिले के माधव नेशनल पार्क में टाइगर लाने के फेर में 27 गांव सहित शहर के कुछ हिस्सों में रहने वाले लोगों की नींद उड़ गई है। क्योंकि पिछले दिनों शिवपुरी के रजिस्ट्रार कार्यालय में जमीनों की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई। इतना ही नहीं नेशनल पार्क एरिया से एक किमी तक ईको सेंसटिव जोन बनाने का फरमान जारी कर दिया गया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस क्षेत्र में आने वाले गांवों के अलावा शिवपुरी से कोटा-झांसी फोरलेन को जोड़ने वाली सड़क को भी बंद करने की चर्चाएं सरगर्म हैं।

श्योपुर के कूनो में चीते आने के बाद अब शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क में टाइगर लाने की कवायद तेज हो गई है। नेशनल पार्क के अंदर स्थित आठ गांव पहले ही खाली करवाए जा चुके हैं, लेकिन अब उनके आसपास के 27 गांव की एक सूची पिछले दिनों सब रजिस्ट्रार कार्यालय में चस्पा कर दी गई थी। उस सूची में शामिल गांव के लोगों ने रजिस्ट्रार ऑफिस में पहुंचकर संपर्क भी किया था, लेकिन उन्हें वहां से कोई सतोषजनक जवाब नहीं मिला। खास बात यह है कि इस सूची में शहर के भी कुछ हिस्से शामिल हैं और यदि वहां की जमीनों पर प्रतिबंध लगाया गया है तो भविष्य में शासन-प्रशासन की टाइगर को लेकर की जा रही प्लानिंग में वो एरिया भी शामिल किया जा सकता है।

रजिस्ट्रार ऑफिस में टांगी थी सूची, झांसी रोड को भी बंद करने की चर्चा सरगर्म

प्रतिबंधित सूची में यह हैं नाम व सर्वे नंबर

जगह का नाम सर्वे नंबर

टुकड़ा नंबर-दो शिवपुरी 1179 से 1714 तक

मदकपुरा 122 से 249 तक

मगरौरा 133 से 255/1 तक

घसारही 1 से 149 तक

मझेरा 1 से 216 तक

बेरबा 1 से 55 तक

कोटा 51 से 476 तक

लखनगंवा 1 से 47 तक

बांकड़ा 1 से 203 तक

रुंदसरकार 1 से 372, 462, 473

लोहराखार 1 से 167 तक

नौहरीखुर्द 452 से 600 तक

नौहरीकलां 104 से (24 बीघा)

बड़ागांव 699 से 910 तक

नीमडांडा 54 से (19 बीघा)

सतनबाड़ाकलां 1 से 18 तक

कांकर 1 से 131 तक

सतनबाड़ाखुर्द 1 से 10 तक

सेवढ़ा ता.बारा. 195 से (211 बीघा)

श्यामपुर ता. डोंगर 1 से (49 बीघा)

बारा 346 से 824 तक

अमरखोआ 554 से 881 तक

कुंअरपुर 2187 से 2200 तक

चंदनपुरा 310, 311, 324, 325 तक

विनेगा 623 से 784 तक

मामोनी 1 से 444 तक

चिटोरा 384 से 410 तक

नेशनल पार्क सहित सामान्य वन की जमीन शामिल

सूची में जिन गांव व शहरी क्षेत्र के नाम दिए हैं, उनमें माधव नेशनल पार्क के अलावा सामान्य वन विभाग की जमीन शामिल है। इसमें गांवों के अलावा शहरी क्षेत्र में मदकपुरा लुधावली, नौहरीकलां, चिटोरा, नौहरीखुर्द व टुकड़ा नंबर-दो शिवपुरी, शामिल हैं। इन क्षेत्रों में कई जगह तो घनी बस्ती भी बस चुकी है। चूंकि मामला टाइगर का है, इसलिए उक्त क्षेत्रों को भविष्य में कभी भी टाइगर के लिए रिजर्व किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

असमंजस में हैं लोग

बिना किसी आदेश की एक सूची पिछले दिनों रजिस्ट्रार कार्यालय में चस्पा कर दी गई थी। इस संबंध में रजिस्ट्रार से लेकर अन्य जिम्मेदारों से बात की गई, लेकिन कोई भी कुछ स्पष्ट नहीं कर रहा है। जिसके चलते उक्त गांव के लोग असमंजस में होने के साथ ही चिंतित भी हैं।

मनीष मेहरोत्रा, कर्नल ढिल्लन के परिजन

नेशनल पार्क व फोरेस्ट की है जमीन

जिन गांव की सूची है, उसमें कुछ जमीन माधव नेशनल पार्क एरिया में आती है तो कुछ सामान्य वन की भूमि है। उक्त गांव को लेकर अन्य कोई नया आदेश-निर्देश तो नहीं आया है। पूर्व के सब रजिस्ट्रार ने वो सूची चस्पा की थी।

संतोष पाल, रजिस्ट्रार शिवपुरी

बोले नेशनल पार्क मानचित्रकार: प्रतिबधित हैं 27 गांव

नेशनल पार्क के आसपास स्थित 27 गांव में जमीनों की खरीद-बिक्री पर प्रतिबंध है, जिसकी सूची रजिस्ट्रार कार्यालय को दी है। शिवपुरी-झांसी लिंक रोड पर भविष्य में भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित हो सकती है। ईको सेंसटिव जोन बनाए जाने का आदेश भी है।

विजयकुमार शर्मा, मानचित्रकार, माधव नेशनल पार्क