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अपनी ही जमीन में लगे सागौन के पेड़ काटने की अनुमति के लिए परेशान किसान

3 साल से तहसील से लेकर कलेक्टर कार्यालय के लगा रहा चक्करलकवा व दिल की बीमारी से पीडि़त है किसान, पैसे नहीं होने के कारण नहीं करा पा रहा इलाज

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अपनी ही जमीन में लगे सागौन के पेड़ काटने की अनुमति के लिए परेशान किसान

एसडीएम कार्यालय पर अनुमति के लिए चक्कर काटता बीमार किसान।

पवन पाठक
पिछोर. पिछोर अनुविभाग के ग्राम कमालपुर का एक वृद्ध किसान अपनी लकवा व दिल की बीमारी का इलाज सबकुछ होते हुए भी नहीं करा पा रहा है। किसान की खुद की जमीन में सागौन के पेड़ लगे हैं। उन पेड़ों को काटकर वह इलाज करा सकता है, लेकिन भ्रष्ट सरकारी सिस्टम में फंसकर वह पिछले 3 सालों से अपनी ही जमीन में लगे पेड़ों को काटने की अनुमति नहीं ले पाया। अब उसकी स्थिति काफी खराब है।


जानकारी के मुताबिक मानवता को लज्जित करने का एक सनसनीखेज मामला पिछोर के कमालपुर से आया है। यहां पर रहने वाला किसान गयाप्रसाद पुत्र मुन्लू लोधी पिछले 3 सालों से अपनी ही जमीन में लगे सागौन के पेड़ों को काटने की अनुमति नहीं ले पाया। गयाप्रसाद ने कुछ सालों पूर्व यह पेड़ इसलिए लगाए थे कि जब उसको पैसे की जरूरत होगी तो वह इनको काटकर अपनी जरूरत को पूरा कर लेगा। 3 साल पूर्व किसान को हदयाघात व लकवा की बीमारी हो गई थी। चूंकि किसान के पास इलाज कराने पैसे नहीं थे, इसलिए उसने अपनी जमीन में लगे सागौन के पेड़ों को काटने के लिए विधिवत रूप से फोरेस्ट विभाग, तहसीलदार से अनापत्ति लेकर अनुमति के लिए आवेदन किया। यह आवेदन कलेक्टर कार्यालय तक होकर आ गया और अब एसडीएम पिछोर केआर चौकीकर के पास यह आवेदन लंबित है। ऐसे में किसान बीमारी का इलाज नहीं होने के कारण काफी परेशान है और सही समय पर इलाज नहीं हुआ तो उसकी जान पर भी आ सकती है। बड़ी बात यह है कि स्थानीय विधायक केपी सिंह भी किसान को अनुमति देने के लिए कई बार शिफारिश कर चुके हैं, इसके बाद भी सरकारी तंत्र के चंगुल से अनुमति अभी तक नहीं मिली।


एसडीएम के पास रखी है 4 माह से फाइल


एसडीएम केआर चौकीकर के पास यह फाइल सभी जगह से आकर 17 अगस्त 2020 से रखी है और धूल खा रही है। किसान ने बताया कि तीन साल से तहसीलदार, एसडीएम व अन्य अधिकारी उससे इधर से उधर अनुमति देने की बात बोलकर परेशान कर रहे हैं। स्थिति यह है कि किसान शारीरिक रूप से काफी कमजोर हो चुका है और अब वह इन विभागों के चक्कर काटने की स्थिति में नहीं है। अब किसान कोर्ट में अनुमति के लिए आवेदन लगाने की बात बोल रहा है।


यह बोले जिम्मेदार


अगर ऐसा कोई मामला है तो किसान को मेरे पास पहुंचा दीजिए। मैं फाइल दिखवाकर संबंधित को अनुमति दे देता हूं।
केआर चौकीकर, एसडीएम, पिछोर

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