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मनियर तालाब में हो रही खेती, चल रहा वाटर प्लांट

शहर व उसके आसपास स्थित रहे 13 तालाबों को निगलने के बाद अब भू-माफिया की नजर 14वें यानि मनियर तालाब पर पड़ गई। तालाब की जमीन में जहां बेरोकटोक खेती हो रही है, वहीं उसमें पानी का प्लांट चलने के साथ ही अब तालाब की जमीन पर भवन बनाने की तैयारी शुरू हो गई।

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मनियर तालाब में हो रही खेती, चल रहा वाटर प्लांट

मनियर तालाब में हो रही खेती, चल रहा वाटर प्लांट

शिवपुरी. शहर व उसके आसपास स्थित रहे 13 तालाबों को निगलने के बाद अब भू-माफिया की नजर 14वें यानि मनियर तालाब पर पड़ गई। तालाब की जमीन में जहां बेरोकटोक खेती हो रही है, वहीं उसमें पानी का प्लांट चलने के साथ ही अब तालाब की जमीन पर भवन बनाने की तैयारी शुरू हो गई। महत्वपूर्ण बात यह है कि एक तरफ शासन की मंशा पर प्रशासन जलाभिषेक अभियान चलाकर तालाबों के जीर्णोद्धार के फोटो सेशन करवा रहा है, वहीं दूसरी ओर भू-माफिया जिला मुख्यालय के तालाबों को निगल रहे हैं।


गौरतलब है कि जब शिवपुरी को ङ्क्षसधिया राजवंश ने बसाया था, तब शहर के भू-जल स्तर को बनाए रखने के लिए शहर सहित आसपास 18 तालाब बनाए थे। इतना ही नहीं इन सभी तालाबों को पक्के नालों के माध्यम से एक-दूसरे से कनेक्ट किया गया था। जिसके चलते कोई भी तालाब ओवरफ्लो नहीं होता था, बल्कि नालोंं के माध्यम से पानी दूसरे तालाबों में पहुंच जाता था। ङ्क्षसधिया राजवंश का कार्यकाल खत्म क्या हुआ, शहर सहित आसपास के तालाबों पर भू-माफिया की नजर पड़ गई। उसके बाद एक-एक करके शहर के 13 तालाबों का अस्तित्व खत्म करके भू-माफिया ने तालाबों पर कॉलोनियां बनाने के साथ ही आलीशान कोठियां बना दीं। अब जो शेष पांच तालाब रह गए हैं, उनमें से तीन तालाबों को छोडक़र दो तालाबों मनियर व भुजरिया तालाब पर भू-माफिया कब्जा करने की होड़ में लगे हुए हैं। इनमें से मनियर तालाब में तो पानी रोकने की कोई जगह ही नहीं छोड़ी गई तथा बरसात के दिनों में तालाब में पानी आने के बाद उसे निकाल दिया जाता है और फिर खाली हुई जमीन पर खेती की जा रही है।

तालाब में कट रही फसल
गुरुवार को जब पत्रिका टीम मनियर तालाब पर पहुंची तो यह देखकर हतप्रभ रह गई कि तालाब की जमीन में तैयार हुई फसल की थ्रेङ्क्षसग की जा रही थी। तालाब की जमीन महज दो बीघा में रह गई, जबकि उसकी शेष जमीन पर न केवल एक फसल पक कर तैयार हो गई, जबकि दूसरी फसल तैयार हो रही है। चूंकि तालाब बरसात में पानी लबालब भरा हुआ था, इसलिए जमीन में नमी होने से तालाब पर कब्जा करने वाले उस जमीन पर कई फसल ले रहे हैं।

भुजरिया तालाब पर भी हो रहे कब्जे
शहर के छत्री रोड स्थित भुजरिया तालाब के चारों तरफ राजस्व विभाग के रिटायर्ड व कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों ने कब्जा करके अपने भवन बना लिए हैं। इस तालाब का छह साल पूर्व पत्रिका ने अमृतम् जलम अभियान के तहत गहरीकरण किया था, जिसके चलते तालाब में भीषण गर्मियों के दौरान भी पानी रहता है। अन्यथा इस तालाब को भी कचरे से भरकर उसकी जमीन पर कब्जे हो जाते। हालांकि इस तरह के प्रयास अभी भी जारी हैं।

बोले एसडीएम: तालाबों पर नहीं होने दिया जाएगा कब्जा
तालाब हो या सरकारी जमीन, यदि कोई कब्जा करने का प्रयास करेगा, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाकर कब्जे को हटवाया जाएगा। साथ ही संबंधित विभाग को भी यह ध्यान रखना होगा कि वे इस तरह के कब्जों की सूचना प्रशासन तक पहुंचाएं।
गणेश जायसवाल, एसडीएम शिवपुरी