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119 से बढक़र 125 किलोमीटर हो गई शिवपुरी से ग्वालियर की दूरी…

6 किमी बढ़ाई दूरी, बनाए दो टोल नाके, एक माह बाद शुरू होंगे दोनों टोल नाके  

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119 से बढक़र 125 किलोमीटर हो गई शिवपुरी से ग्वालियर की दूरी...

शिवपुरी. अभी तक शिवपुरी से ग्वालियर की दूरी 119 किमी हुआ करती थी, लेकिन अब फोरलेन बनने के बाद यह दूरी 125 किमी हो गई। दूरी में 6 किमी की बढ़ोत्तरी हो जाने से इस रूट पर दो टोल नाके बनाए जाने का रास्ता साफ हो गया, क्योंकि एनएचएआई का नियम है कि 60 किमी की दूरी के बाद दूसरा टोल बनाया जा सकता है। यदि यह दूरी पूर्व की तरह 119 किमी ही होती, तो दूसरा टोल बनने में 1 किमी की कमी पड़ जाती, जिसे कवर करते हुए 5 किमी अतिरिक्त सडक़ की बढ़ोत्तरी कर दी गई। महत्वपूर्ण बात यह है कि शिवपुरी से ग्वालियर के बीच अभी जो फोरलेन बनाया गया, उसमें साढ़े पांच किमी की सडक़ छोड़ दी गई, क्योंकि वन्यजीवों का क्षेत्र होने की वजह से 128 करोड़ रुपए की लागत से अंडर पास वाले पुल का प्रस्ताव अभी अधर में है। इस रूट पर आगामी एक माह में टोल नाके शुरू किए जाएंगे।
शिवपुरी से ग्वालियर के बीच बनाए गए फोरलेन में दो बायपास के अलावा बीच में सडक़ को इतना घुमाव दिया गया कि दूरी 119 किमी से बढक़र 125 किमी हो गई। यही वजह है कि शिवपुरी से 60 किमी की दूरी पर पहला टोल नाका मुडख़ेड़ा पर बनाया गया, जबकि वहां से 60 किमी की दूरी पर दूसरा टोल नया गांव के पास बना दिया। अभी इन टोल नाकों पर वाहनों से ली जाने वाली राशि का निर्धारण नहीं हुआ है, लेकिन आगामी एक माह में इस काम को भी पूरा करके नाकों को शुरू कर दिया जाएगा। नेशनल हाइवे क्रमांक-3 को फोरलेन में तब्दील करने के बाद वो एनएच-46 हो गया और इस रूट पर दूर से आने वाले वाहन संचालकों को तो इतनी परेशानी नहीं होगी, लेकिन शिवपुरी से ग्वालियर जाने वाले लोगों को अपने वाहन से जाने में दोहरी मार पडऩे वाली है।
यह भी है नियम
60 किमी की दूरी पर दूसरा टोल नाका बनाए जाने के साथ ही एनएचएआई का यह भी नियम है कि यदि कोई बायपास आसपास से निकला है तो सामान्य टोल टैक्स से डेढ़ गुना अधिक राशि ली जा सकती है। क्योंकि बायपास पर सडक़ का अतिरिक्त कार्य किया जाता है। इन्हीं सब नियमों को ध्यान में रखते हुए दो टोल नाके बनाए गए।

साढ़े पांच किमी की फोरलेन अधर में
शिवपुरी शहर से खूबत घाटी व उसके आगे तक सडक़ के दोनों ओर माधव नेशनल पार्क का एरिया है, जहां रहने वाले वन्यजीव किसी हादसे का शिकार न हो जाएं, इसलिए साढ़े पांच किमी की दूरी के बीच 9 अंडर पास बनाए जाने हैं। जिनकी ऊंचाई व चौड़ाई इतनी अधिक होगी कि वन्यजीव आसानी से सडक़ के नीचे से पार्क एरिया में विचरण कर सकें। जिसका 128 करोड़ रुपए का प्रस्ताव बनाकर एनएचआई ने भेजा है, जिसका निर्माण वो ही एजेंसी करेगी, जिसने शिवपुरी से ग्वालियर के बीच फोरलेन बनाई।
सीधी बात : एनएचएआई प्रोजेक्ट डायरेक्टर राकेश गुप्ता
सवाल: शिवपुरी से ग्वालियर की दूरी 119 है, फिर दो टोल नाके क्यों ?
जवाब : फोरलेन बनने के बाद यह दूरी 125 किमी हो गई है। यह नियम है कि 60 किमी के अंतराल पर दूसरा टोल नाका बनाया जा सकता है।
सवाल: क्या रेट तय हो गए?, दोनों नाके कब शुरू होंगे?
जवाब : अभी रेट तय नहीं हुए हैं, जल्द ही तय कर बोर्ड लगाए जाएंगे।
सवाल: खूबत घाटी एरिया का मामला निपट गया क्या?
जवाब : साढ़े पांच किमी फोरलेन का अभी मामला नहीं निपटा। 128 करोड़ की लागत से 9 अंडर पास वाले फोरलेन का प्रस्ताव बनाकर दिल्ली भेज दिया है। हालांकि अभी हमने इस सडक़ को ही मेंटेन करके बोर्ड आदि लगा दिए हैं, ताकि टोल देकर निकलने वालों को ऐसा न लगे कि सडक़ खराब है।

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