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अन्याय हमारे देश के किसान के हमेशा होता है सरकार हो किसी की भी, यूरिया के लिए खाईं लाठियां

अन्याय हमारे देश के किसान के हमेशा होता है सरकार हो किसी की भी, यूरिया के लिए खाईं लाठियां  

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kisan face problem for purchasing uria in shivpuri

अन्याय हमारे देश के किसान के हमेशा होता है सरकार हो किसी की भी, यूरिया के लिए खाईं लाठियां

शिवपुरी. प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही कर्जा माफ की घोषणा की गई, लेकिन शिवपुरी जिले के किसान पर इसका विशेष असर नजर नहीं आया, बल्कि इन दिनों अन्नदाता की परेशानियां और भी अधिक बढ़ गईं। बैराड़ क्षेत्र में जहां नहर क्षतिग्रस्त होने से सिंचाई के लिए पानी न मिलने से किसान भूख हड़ताल पर बैठे हैं, तो वहीं करैरा में यूरिया खाद के लिए घंटों तक लाइन में लगने के बाद किसानों को पुलिस की लाठियां झेलना पड़ीं। शॉर्टेज के बीच यूरिया की जमकर कालाबाजारी भी हुई, जिसमें किसान को 270 की जगह 450 रुपए में यूरिया का कट्टा खरीदना पड़ा।

बोले विधायक : नहीं सुधरी नहर तो उठाऊंगा विधानसभा में मुद्दा
पोहरी विधानसभा के बैराड़ क्षेत्र में स्थित पचीपुरा तालाब से बनाई गईं नहरों का काम घटिया होने की वजह से वो पहली बार में ही जगह-जगह से फूट गईं। कई बार ज्ञापन देने के बाद किसानों की सुनवाई नहीं हुई, तो वे मंगलवार को भूख हड़ताल पर बैठ गए। बुधवार को पोहरी विधायक सुरेश राठखेड़ा किसानों के बीच पहुंचे । इस बीच पोहरी एसडीएम मुकेश सिंह भी वहां पहुंच गए। विधायक राठखेड़ा ने कहा कि नहर को जल्द से जल्द दुरुस्त करवाया जाए, अन्यथा मैं किसानों के साथ भूख हड़ताल पर बैठ जाऊंगा। साथ ही उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा में नहर के मुद्दे को उठाऊंगा।

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उल्लेखनीय है कि खेतों में सिंचाई के लिए पानी न मिल पाने की वजह से परेशान किसानों ने 15 दिन पूर्व कलेक्ट्रेट का घेराव कर ज्ञापन सौंपा था, जिसमें यह चेतावनी दी थी कि यदि नहर को दुरुस्त नहीं किया तो धरना देंगे। इसके बाद नहर को सीमेंट से सुधारने की बजाए, उसमें मिट्टी डालकर खानापूर्ति करने का प्रयास किया। इसके बाद आक्रोशित किसान भूख हड़ताल पर बैठ गए। विधायक सुरेश राठखेड़ा व एसडीएम मुकेश सिंह ने जूस पिलाकर किसानों की भूख हड़ताल खत्म करवाई।


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घंटों लगे रहे लाइन में, मिलीं पुलिस की लाठियां

मप्र सहकारी विपणन संघ संस्था मर्यादित करैरा में बुधवार की दोपहर लगभग 2 बजे गोदाम से खाद न मिलने पर किसानों ने जमकर हंगामा किया। किसानों का हुजूम देख गोदाम प्रभारी एलके श्रीवास्तव अपनी कुर्सी छोडकऱ भाग गए। किसान इसलिए परेशान था, क्योंकि सोसायटी पर खाद मिल नहीं रहा था तथा दुकानों पर उसे 270 का कट्टा 420 से 450 रुपए में खरीदना पड़ रहा है। सूचना मिलने पर एसडीएम करैरा ने वरिष्ठ कृषि विकास विस्तार अधिकारी वायएस यादव ने पुलिस की मदद से लाइन लगवाई तथा एक-एक बोरी यूरिया खाद के कट्टे देने के निर्देश दिए। किसानों की लाइन लगवाने के फेर में पुलिस ने कुछ किसानों को धकिया कर उनमें लाठियां भी भांजीं। यूरिया वितरण में आरआई विनोद सोनी, पटवारी राकेश गुप्ता भी मौजूद रहे। यहां पर महिलाओं व पुरुषों की अलग-अलग लाइन लगी रहीं।


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सेठजी से दिलवाया 270 का कट्टा
करैरा नगर में रामसेवक गेड़ा की भी खाद की दुकान है, जहां से वे किसान को 420 से 450 रुपए में एक कट्टा यूरिया दे रहे थे। लेकिन एसडीएम के निर्देश पर सेठजी ने भी किसानों को 270 रुपए प्रति कट्टे की रेट से यूरिया खाद बेची। एसडीएम ने कहा कि प्राइवेट खाद विक्रेता भी सही रेट पर यूरिया बेचें, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।


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