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कोडिंग व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य की जरूरत-शर्मा

कोडिंग व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य की जरूरत-शर्मामोबाइल गेम व ई लाइबे्ररी बनाकर तैयार हुए ५ सैकड़ा से अधिक जूनियर कोडिंग एक्सपर्टकक्षा ४ से लेकर ९ तक के बच्चों ने की सहभागिता
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शिवपुरी

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Lokendra Singh Sengar

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Updated: 7 Mar 2024, 2:49 PM IST

कोडिंग व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य की जरूरत-शर्मा

कोडिंग व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य की जरूरत-शर्मा


कोडिंग व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य की जरूरत-शर्मा
मोबाइल गेम व ई लाइबे्ररी बनाकर तैयार हुए ५ सैकड़ा से अधिक जूनियर कोडिंग एक्सपर्ट
कक्षा ४ से लेकर ९ तक के बच्चों ने की सहभागिता
शिवपुरी। वर्तमान परिवेश से लेकर आगामी भविष्य में बच्चों के लिए कम्प्यूटर की अच्छे से जानकारी होना बहुत जरूरी है। किसी भी जॉब के लिए कम्प्यूटर में एक्सपर्ट होना आवश्यक है। इसी को ध्यान में रखते हुए शहर के गीता पब्लिक स्कूल प्रबंधन ने कक्षा ४ से लेकर कक्षा ९ तक के करीब ५ सैकड़ा से अधिक बच्चों को कोडिंग की जानकारी देकर कम्प्यूटर एक्सपर्ट बनाया गया है। बच्चों ने बुधवार को एक से बढक़र एक पे्रजेटेंशन दिए गए। इनमें से कुछ विद्यार्थियों ने एक्सट्रीम लेवल पर प्रोफेशनल्स की तरह मोबाइल गेम्स बनाए हैं। जबकि कुछ ने ८ से १० गेमों को एक ही मल्टीपल लेवल पर तैयार किया है। गेम्स को अट्रैक्टिव बनाने के लिए कुछ विद्यार्थियों ने स्कोरबोर्ड, कैरेक्टर की लाइफ लाइन, गेम्स की सेटिंग्स, गेम्स खेलने के इंस्ट्रक्शंस, मल्टी प्लेयर स्पोट्र्स, मोबाइल में खेलने के लिए बटंस को भी शामिल किया है। कुछ ने स्क्रैच प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का उपयोग करते हुए स्टोरी क्रिएट की है। कई विद्यार्थियों उत्कृष यादव व कृष्णा सेंगर आदि ने अपने गेमों का शानदार तरीके से प्रेजेटेंशन भी किया।
बॉक्स-
हाइटेक कम्प्यूटर लैब का हुआ शुभारंभ
स्कूल प्रबंधन ने बच्चों की जरूरत को देखते हुए स्कूल परिसर में पुरानी लैब को हटाकर नई अत्याधुनिक लैब तैयार की है। इसमें अपगे्रडेट व लेटेस्ट कम्प्यूटर प्रोग्राम शामिल है। इस लैब में विद्यार्थी अपने सभी तरह के गेम्स बनाकर सॉफ्टवेयर पर काम कर सकते हैं। यहां बता दें कि स्कूल के बेहतरीन प्रदर्शन को देखते हुए केन्द्र सरकार ने स्कूल प्रबंधन को इस एटीएल लैब के लिए २० लाख रुपए का अनुदान भी दिया था। इसी बजट से यह लैब बनाई गई है