
MP News: मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां फर्जी कागजातों के बलबूते एक युवक ने आईटीबीपी में भर्ती होकर नौकरी कर ली। जिसके सामने आते ही हड़कंप मच गया।
दरअसल, कोलारस तहसील के चकरा गांव के रहने वाले हरी सिंह आदिवासी के नाम पर भूरा गुर्जर नाम के युवक ने ITBP यानी इंडियन-तिब्बत बॉर्डर पुलिस में भर्ती हो गया।
आईटीबीपी में एसटी आरक्षण का फायदा उठाकर भर्ती होने वाले गुर्जर युवक के हावभाव और भाषा की शैली देखकर अफसरों को शक हो गया। इसके बाद दस्तावेजों की जांच में पता चला कि उसने गांव पता बदलकर चकरा गांव कर दिया था। शक होने पर आईटीबीपी मुख्यालय से कलेक्टर को जांच के लिए रिपोर्ट भेजी गई।
जब कलेक्टर मामले की जांच के लिए कार्रवाई की तो इसमें बड़ा खुलासा हुआ। कलेक्टर के पास वेरिफिकेशन के लिए दस्तावेज आए। स्थानीय निवास प्रमाण पत्र की जांच के लिए पटवारी को गांव भेजा गया। जांच में पता चला कि असली हरी सिंह आदिवासी बकरियां चराते हुए मिला। उस दौरान जाकर पूरे मामले का खुलासा हुआ। वर्तमान में युवक आईटीबीपी की 54वीं वाहिनी में असम के सोनितपुर जिले में तैनात है।
मामले में यह भी सामने आया है कि 9 साल पहले हरी सिंह यूपी के आगरा आलू खोदने के लिए गया था। इस दौरान उसकी मुलाकात भूरा गुर्जर से हुई थी। उसने 10 बीघा जमीने देने का लालच देकर 8वीं की मार्कशीट, जाति प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र ले लिया
यह भी जांच में सामने आया है कि असली और नकली हरी सिंह के आधार नंबर अलग-अलग हैं, लेकिन नाम और एड्रेस एक जैसे ही हैं। भूरा गुर्जर के माता-पिता के आधार कार्ड अलग-अलग नंबरों के साथ मिले हैं। पूरा मामले की जांच रिपोर्ट आईटीबीपी मुख्यालय को सौंप दी गई है। आरोपी के खिलाफ कानूनी के साथ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
Updated on:
29 Mar 2025 06:50 pm
Published on:
29 Mar 2025 06:47 pm
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