शहर के फिजीकल थाना अंतर्गत टीवी टॉवर रोड पर स्थित अवध हॉस्पीटल में रविवार की शाम एक मरीज की इंजेक्शन लगाने के बाद जान चली गई।
शिवपुरी. शहर के फिजीकल थाना अंतर्गत टीवी टॉवर रोड पर स्थित अवध हॉस्पीटल में रविवार की शाम एक मरीज की इंजेक्शन लगाने के बाद जान चली गई। मृतक के पैर का ऑपरेशन होना था, जिसके लिए उसे एनेस्थीसिया का डोज दिया गया, जो संभवत: अधिक मात्रा में दिए जाने से उसने दम तोड़ दिया। परिजन ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया तो वहीं सूचना मिलने पर फिजिकल थाने की पुलिस भी अस्पताल पहुंच गई।
पुरानी शिवपुरी इमामबाड़ा में रहने वाले इरशाद अहमद (62) का लगभग दस दिन पहले एक्सीडेंट हो जाने से पैर में चोट आ गई थी। इरशाद अहमद का इलाज टीवी टॉवर रोड स्थित अवध हॉस्पीटल में चल रहा था। ड्रेसिंग होने के बाद भी जब पैर में हुआ घाव नहीं भर रहा था, तो अवध हॉस्पिटल के संचालक डॉ. आरके दुबे ने ऑपरेशन कराने की सलाह दी। परिजन ने डॉक्टर की बात मानते हुए शनिवार को मरीज को हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया। इसके बाद शाम को ऑपरेशन थियेटर में इरशाद को ले जाकर पैर को सुन्न करने के लिए एनेस्थीसिया का इंजेक्शन दिया। बताया गया है कि इंजेक्शन लगने के कुछ देर बाद ही इरशाद ने दम तोड़ दिया।
हंगामा, तोडफ़ोड़, फिर समझौता
अवध हॉस्पीटल में इरशाद अहमद को ऑपरेशन के लिए दोपहर लगभग 1 बजे ऑपरेशन थियेटर में ले गए थे। इसके बाद उनकी जब अंदर मौत हो गई तो अस्पताल प्रबंधन ने दो-तीन घंटे तक किसी को कुछ बताया नहीं तथा अपनी ओर से प्रयास करते रहे। लेकिन जैसे ही परिजन को मौत की खबर मिली तो कुछ आक्रोशित युवाओं ने अस्पताल के मेन गेट के कांच तोड़ दिए। बाद में परिजनों की बात अस्पताल संचालक से हो गई तो फिर उन्होंने कार्रवाई करने से इंकार कर दिया।
गायब हुआ अस्पताल स्टाफ, एक घंटे बाद आई केसशीट
चूंकि एनेस्थीसिया देने के बाद मरीज की हालत बिगड़ते देख अस्पताल प्रबंधन को भी यह अंदाजा हो गया था, कि कुछ गड़बड़ हो गई। इसलिए एक-एक करके अस्पताल के डॉक्टर व कर्मचारी गायब हो गए। इतना ही नहीं जब मरीज की केसशीट मांगी गई तो एक घंटे तक वो केसशीट ही नहीं मिली। बाद में जो केसशीट मिली, उसमें से कुछ पेपर गायब थे।
परिजन नहीं चाहते कार्रवाई
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि एनेस्थीसिया एक्सपर्ट डॉक्टर ने ही दिया था। कार्डियो फेल्युरटी से साइलेंट अटैक आने से मौत की बात कही जा रही है। परिजनों ने किसी तरह की भी कार्रवाई से इंकार कर दिया है तथा बॉडी भी वो ले गए।
कृपाल ङ्क्षसह राठौड़, थाना प्रभारी
कार्डियक अरेस्ट हुआ
मरीज को सडन कार्डियक अरेस्ट होने से यह घटना हो गई। एनेस्थीसिया के ओवरडोज की रूमर तो यूं ही फैला दी गई। ऐसा तो कभी भी किसी के साथ भी हो सकता है, बस वो हमारे अस्पताल में हो गया। मृतक तो मेरे बड़े भाई के समान थे, मैं भी उनके निधन से दुखी हूं।
डॉ. आरके दुबे संचालक, अवध हॉस्पीटल