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आसपास के ग्रामवासियों ने बढ़ाई शहर की आबादी

आसपास के ग्रामवासियों ने बढ़ाई शहर की आबादीविश्व जनसंख्या दिवस पर विशेषन मिल पा रहा पर्याप्त पानी, न ही मिल पा रही स्वास्थ्य सुविधाएं

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आसपास के ग्रामवासियों ने बढ़ाई शहर की आबादी

आसपास के ग्रामवासियों ने बढ़ाई शहर की आबादी

आसपास के ग्रामवासियों ने बढ़ाई शहर की आबादी
विश्व जनसंख्या दिवस पर विशेष
न मिल पा रहा पर्याप्त पानी, न ही मिल पा रही स्वास्थ्य सुविधाएं
शिवपुरी। शिवपुरी को नगर निगम बनाने की कवायद में जब शहर का पुराना जनसंख्या आंकड़ा निकाला तो उसमे आबादी इतनी कम थी कि 42 पंचायतों को जोडक़र उसे पूरा किया गया। जबकि वास्तविकता में शहर की आबादी 2.75 लाख से अधिक हो चुकी है। शहर में आबादी बढऩे के साथ ही मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं में भी कमी आ जाने से शहर मे ंपुराने बसे लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। फिर चाहे पानी हो या स्वास्थ्य सुविधाएं, सभी जगह लाइन लंबी हो गई।
शिवपुरी शहर की पुरानी बसाहट की बात करें तो कोर्ट रोड व सदर बाजार एरिया के अलावा पुरानी शिवपुरी एवं न्यू ब्लॉक एरिया ही हुआ करता था। उस समय शिवपुरी शहर का कुल क्षेत्रफल 3 वर्ग किमी हुआ करता था। वर्ष 2011 की जनगणना में शहर की आबादी 1.80 लाख के आसपास हुआ करती थी, लेकिन अब शहर भी चारों तरफ से बढ़ जाने से उसका कुल क्षेत्रफल 5 वर्ग किमी से अधिक हो गया तथा नई कॉलोनियां विकसित हो जाने से आबादी भी पौने 3 लाख तक पहुंंच गई। यदि शिवपुरी शहर की पुन: जनगणना हो जाए तो नगर निगम बनाने के लिए महज एक या दो पंचायत की जरूरत ही पड़ेगी।
यह भी रही एक वजह
शिवपुरी शहर में कई ऐसे परिवार भी आकर बस गए, जो पहले आसपास के गांव में ही निवास करते थे। गांव में रहने वाले कई लडक़ों की शादी इसलिए नहीं हो रही थी, क्योंकि उनका शहर में घर नहीं था। जिसके चलते कई परिवारों ने शहर में प्लॉट लेकर यहां मकान बना लिया और फिर कुछ समय बाद ही लडक़े की शादी हो गई। ऐसे परिवार पोहरी रोड व बायपास रोड के आसपास बहुत हैं।
चार गुना बढ़ी पानी की खपत, नहीं हो पा रही पूर्ति
शिवपुरी शहर की पुरानी बसाहट के लिए छत्री रोड पर पुराना फिल्टर प्लांट 5 एमएलडी क्षमता का था, जिससे पूरे शहर को पर्याप्त पानी मिलता था। शहर की आबादी बढऩे पर सिंध जलावर्धन योजना से अब 20 एमएलडी पानी मिल पा रहा है, जबकि शहर को जरूरत 35 एमएलडी पानी की है।
स्वास्थ्य सुविधाओं का भी टोटा
शिवपुरी के जिला अस्पताल का उन्नयन होकर वो अब 300 बिस्तरीय हो गया, बावजूद इसके जब बीमारियों का सीजन होता है तो एक बेड पर दो से तीन मरीज एक साथ लेटकर इलाज करवाते हैं। अस्पताल में मरीजों की भीड़ इतनी अधिक होने की मुख्य वजह शहर की तेजी से बढ़ती आबादी है, जिसके चलते लोगों को इलाज के लिए भी इंतजार करना पड़ता है।
शहर में 25 वैध व 353 अवैध कॉलोनी
ग्रामीण क्षेत्र से शहरी क्षेत्र में हुए पलायन का परिणाम है कि शिवपुरी शहर में कुल कॉलोनियों की संख्या 378 है, जिसमें से महज 25 कॉलोनियां वैध व 353 अवैध कॉलोनियां हैं। इन अवैध कॉलोनियों में बमुश्किल 10 फीसदी प्लॉट पैसा दुगना करने वालों ने खरीदे हैं, जबकि शेष में आसपास से आने वाले लोगों ने अपने आशियाने बनाए हैं।
एक्सपर्ट ब्यू: रिटायर्ड सीएमओ
शिवपुरी शहर में आसपास ग्रामीण क्षेत्रों से अधिक संख्या में लोग आकर बस गए हैं। शहरी प्रबंधन को देखने वाले अधिकारियों को भविष्य की प्लानिंग आबादी बढऩे के पूर्वानुमान को देखने हुए बनानी चाहिए, ताकि आमजन को किसी तरह की परेशानी न हो।
रामनिवास शर्मा, रिटायर्ड सीएमओ नपा शिवपुरी