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6 दिन में तीन काले हिरणों की मौत, पगमार्क के आधार पर लकड़बग्घे से हमले की पुष्टि

शुक्रवार व शनिवार दोनों दिन एक-एक काले हिरण के शव बरखेड़ा व सायपुर में मिला है। इससे पूर्व ग्राम सींघाखेड़ी में भी एक काले हिरण का शव मिला था।

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6 दिन में तीन काले हिरणों की मौत, पगमार्क के आधार पर लकड़बग्घे से हमले की पुष्टि

6 दिन में तीन काले हिरणों की मौत, पगमार्क के आधार पर लकड़बग्घे से हमले की पुष्टि

बदरवास (शिवपुरी). शिवपुरी जिले के बदरवास क्षेत्र में काले हिरणों की मौत का सिलसिला बंद होने का नाम नहीं ले रहा। शुक्रवार व शनिवार दोनों दिन एक-एक काले हिरण के शव बरखेड़ा व सायपुर में मिला है। इससे पूर्व ग्राम सींघाखेड़ी में भी एक काले हिरण का शव मिला था। इन हिरणों की मौत को लेकर जहां ग्रामीण तेंदुए का हमला बता रहे हैं, वहीं शुरूआती पगपार्क की रिपोर्ट पर से इन हिरणों की मौत के पीछे वन विभाग लकड़बग्घे का हमला होना बता रहा है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए क्षेत्र में वन विभाग के कर्मचारी तैनात किए गए है।


जानकारी के मुताबिक बदरवास अंतर्गत ग्राम बरखेड़ा में शुक्रवार को एक काले हिरण का शव मिला था। शव क्षत-विक्षत होने से ऐसा प्रतीत हो रहा था कि किसी जानवर ने हमला कर हिरण को अपना शिकार बनाया है। वहीं शनिवार को ग्राम सायपुर में काला हिरण मृत हालत में मिलने से ग्रामीणों दहशत में है। मामले की सूचना पर से मौके पर पहुंची वन टीम ने घटनास्थल से हिरणों के अलावा दूसरे जानवरों के पगमार्क लिए तो जांच में इन पगमार्क की पुष्टि लकड़बग्घे की हुई है। इससे ऐसा लग रहा है कि इन काले हिरणों का शिकार कोई और नही जंगल के लकड़बग्घे कर रहे हैं। फोरेस्ट टीम का कहना है कि लकड़बग्घा दूर से तेंदुए जैसा प्रतीत होता है, इसलिए ग्रामीण उस जानवर को तेंदुआ मानकर चल रहे है।

बोले ग्रामीण
6 दिन से लगातार हम ग्रामीणों को तेंदुआ जैसा जानवर दिखाई दे रहा है। इसी डर से हम लोग रात में खेतों पर नही जा पा रहे है। वन विभाग को चाहिए कि वह इस जानवर को ग्रामीण क्षेत्र से जंगल में पहुंचाए।
वीरेंद्र यादव, निवासी सींघाखेड़ी


यह बोले जिम्मेदार
मामला संज्ञान में आते ही हमारी 1 टीम अलर्ट हो गई है एवं गश्त भी बढ़ा दिया गया है। ग्रामीणों द्वारा बताए गए पद चिह्नों को लैब में भेज कर पता किया गया तो वह लकड़बग्घा के पाए गए हैं। ग्रामीणों को भी अलर्ट कर दिया है कि रात में खेतों पर न जाएं । हम जल्द ही लकड़बग्घे को पकड़ लेंगे।
शैलेंद्र ङ्क्षसह तोमर, वन परिक्षेत्र अधिकारी बदरवास