मौसम ने एकाएक करवट बदली और गुजरी रात इतनी सर्द हो गई कि जिले के बदरवास विकासखंड में तो खेतों में खड़े फसल की पत्तियों में बर्फ तक जम गई।
शिवपुरी/बदरवास. मौसम ने एकाएक करवट बदली और गुजरी रात इतनी सर्द हो गई कि जिले के बदरवास विकासखंड में तो खेतों में खड़े फसल की पत्तियों में बर्फ तक जम गई। सुबह तक मौसम बेहद सर्द रहा, लेकिन दिन निकलने के साथ ही धूप खिलने से लोगों को काफी हद तक राहत मिली। दिन भर चलती रही शीतलहर के चलते ऑफिसों में बैठे लोग भी सर्दी से कांपते नजर आए। न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाने की वजह से अब यह मौसम फसलों के साथ-साथ इंसानों के लिए खतरा बन गया है। फसलों को बचाने के लिए जहां कृषि वैज्ञानिक ने सलाह दी है, वहीं डॉक्टरों ने भी लोगों को इस सर्द मौसम से बचने के लिए कुछ सावधानियां बताई हैं, अन्यथा यह मौसम जान पर भारी पड़ सकता है।
यूं तो मौसम के मिजाज शुक्रवार की शाम से ही बिगड़ गए थे और जैसे-जैसे रात गहराती गई, सर्दी भी अपना रौद्र रूप दिखाती गई। रात में ठंड अधिक पड़ी कि खेतों में फसल की पत्तियों पर पानी की बूंदे जमकर बर्फ के रूप में तब्दील हो गई। चूंकि रात सर्द होने की वजह से किसान पहले से ही चिंतित थे और जैसे ही सुबह हुई तो वे अपने खेत में पहुंचे तो वहां पर उन्हें पत्तियों में बर्फ की परत जमी हुई नजर आई। रात अधिक सर्द होने की वजह से शनिवार की सुबह मॉर्निंग वॉक पर कम ही लोग घर से बाहर निकले, लेकिन जैसे ही सुबह 7.30 बजे धूप निकली तो ठिठुर रहे लोगों ने राहत की सांस ली। फिर पूरे दिन तेज धूप होने से बाजार हो या दफ्तर, दुकानदार से लेकर कर्मचारी तक धूप सेंकते नजर आए। क्योंकि कमरे के अंदर बैठते ही इतनी अधिक सर्दी का अहसास था कि उंगलियां तक काम नहीं कर रही थीं।
किसान रहें सावधान
कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. एमके भार्गव ने कहा कि 4 डिग्री तक पारा गिरने से पाले का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि पत्तियों व तनों में मौजूद पानी के बर्फ जम जाने से पौधों की कोशिकाएं फट जाती हैं। जिससे पौधा पूरी तरह से नष्ट हो जाता है। किसान खेतों में पानी दें, तथा रात में कचरा इक_ा करके उसमें आग लगाकर धुआं करें। इससे तापमान में 1 या 2 डिग्री बढ़ जाता है और पाला लगने का खतरा कम हो जाता है।
सावधान रहें लोग
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर ने बताया कि इन दिनों पड़ रही कड़ाके की सर्दी मनुष्य के लिए बड़ा खतरा है। ब्लड प्रेशर के मरीज सुबह जल्दी न उठें और यदि नींद खुल भी जाए तो बाहर न निकलें, क्योंकि इतने कम तापमान में हार्ट अटैक का खतरा अधिक रहता है। श्वांस के मरीजों को भी इस मौसम में खतरा रहता है तथा बच्चों व बुजुर्गों को इससे बचाना चाहिए, क्योंकि बच्चों में निमोनिया बहुत जल्दी हो जाता है।
ये रखें सावधानी
बीपी के मरीज बिस्तर तभी छोड़ें, जब धूप निकले। शरीर को पूरी तरह से गर्म कपड़ों से ढंक कर निकलें।
श्वांंस के मरीज शरीर ढांक कर रखें तथा आग न तापें तथा रूम हीटर का उपयोग न करें, रूम में ऑक्सीजन कम हो जाती है।
मासूम बच्चों को सर्द हवाओं से बचाएं, क्योंकि उन्हें निमोनिया का खतरा बना रहता है। उन्हें गर्म कपड़ंों में ही रखें।
फसल पर जमी मिली बर्फ
जैसे ही मैं सुबह अपने खेत पर गया तो मेरे खेत में चना एव गेहंू की फसल पर बर्फ जमी हुई थी। चूंकि पूर्व में अधिक वर्षा से सोयाबीन की फसल बर्वाद हो गई और अभी से इस प्रकार हालात हैं तो फसल के दाने को नुकसान पहुंचा सकता है।
विनय चतुर्वेदी, कृषक बदरवास