
स्वच्छता अभियान
सिद्धार्थनगर. गांवों में तैनात ग्राम विकास व पंचायत अधिकारी अपनी मांगों को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपनों को पलीता लगाने में लगे हैं। लगातार एक पखवारे से अलग-अलग तरीके से हड़ताल के चलते गांवों के विकास का प्रभावित हो रहा है। साथ ही सरकार की सबसे अधिक महत्वाकांक्षी स्वच्छ भारत मिशन को भी झटका लग रहा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सपना है कि अक्टूबर 2018 तक भारत को खुले में शौच मुक्त बनाया जाय जिससे चलते सभी जिलों में अभियान के तहत प्रतिदिन एक हजार से अधिक शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन तीन दिनों तक ग्राम विकास अधिकारी व ग्राम पंचायत अधिकारियों के कार्य बहिष्कार ने अभियान को पलीता लगा दिया है। ग्राम विकास व पंचायत अधिकारियों के सहारे स्वच्छ भारत अभियान के तहत गांवों में शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। पहले काली पट्टी बांध कर काम करने के साथ ही लगातार तीन दिनों तक कार्य बहिष्कार से शौचालय निर्माण की एमआईएस फीडिंग को करारा झटका लगा है।
शासन प्रशासन के काफी दबाव के बाद एमआईएस फीडिंग ने रफ्तार पकड़ी तो बीच में ग्राम विकास व पंचायत अधिकारियों के हड़ताल से अभियान पर अचानक ब्रेक लग गया। अधिकारियों के सामूहिक रूप से अवकाश लेने के कारण शौचालयों की हो रही एमआईएस फीडिंग ठप हो गई। साथ ही पूरा होने वाले शौचालयों के फोटों के अपलोडिंग का काम भी ठप हो गया है। जिससे कि जिले की स्थिति खराब हो जा रही है।
शासन के दबाव के बाद जिले में प्रतिदिन आठ सौ से अधिक शौचालयों के निर्माण का कार्य कराया जा रहा था। लेकिन सचिवों के हड़ताल के कारण शौचालयों का निर्माण कार्य भी ठप हो गया। हालॉकि जीओ टैगिंग वाले शौचालयों का निर्माण जारी रहा लेकिन उनकी फोटो अपलोडिंग का काम नहीं हो सका। ग्राम विकास व पंचायत अधिकारियों के हड़ताल के दौरान शौचालय की एमआईएस फीडिंग करने वाले ऑपरेटरों को भी फीडिंग के कार्य के लिए मना कर रहे थे जिससे ऑपरेटरों ने भी इस दौरान शौचालय संबंधी डाटा फीडिंग का काम नहीं किया गया।
तीन दिनों के भीतर तीन हजार से अधिक शौचालय बनाए जाते लेकिन हड़ताल के कारण शौचालयों का निर्माण प्रभावित हुआ। शौचालय निर्माण के साथ प्रधामंत्री आवास योजना के लाभार्थियों के लिए बनाए जाने वाले भवनों की जीओ टैगिंग का काम भी ठप हो गया था। अधिकारियों की माने तो अब कार्य तेजी से होगा ग्राम पंचायत व विकास अधिकारी हड़ताल से वापस लौट आए हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल सिंह ने बताया कि जो भी लक्ष्य है उसे समय से हासिल करने के लिए युद्ध स्तर पर काम कराया जाएगा। जिससे कि समय के आधार पर लक्ष्य प्रभावित न होने पाए।
By- Suraj Chauhan
Published on:
01 Jun 2018 09:11 am
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