Video Viral: सिद्धार्थनगर जिले के डिप्टी सीएमओ डॉ. बीएन चतुर्वेदी का रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो देखकर लोग कई तरह के कमेंट कर रहे हैं।
Video Viral: सिद्धार्थनगर जिले के डिप्टी सीएमओ डॉ. बी एन चतुर्वेदी का रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो देखकर लोग कई तरह के कमेंट कर रहे हैं। ये वीडियो एक ट्वीटर यूजर अविरल सिंह ने अपने ट्वीटर हैंडल पर शेयर किया है। इसे सीएम योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम बृजेश पाठक को टैग भी किया गया है। सीएम और डिप्टी सीएम को टैग करते हुए ट्वीटर यूजर ने लिखा है "मोदी जी और योगी जी आपका बड़ा एहसान होगा अगर कोई ऐसी नीति या व्यवस्था लागू कर दी जाती है जिससे बिना घूस के काम हो सके जनता का।" आगे लिखा है "बिना घूस के पेपर आगे बढ़ता ही नहीं है। 40 का इंतजाम हमने कर्ज लेकर किया है सिद्धार्थनगर ,डिप्टी CMO रिश्वत लेते हुए।"
वीडियो की सत्यता की जांच करने के लिए पत्रिका उत्तर प्रदेश ने सिद्धार्थनगर के सीएमओ को फोन कर इसकी पुष्टि की। वीडियो के संज्ञान में होने की पुष्टि करते हुए सीएमओ डॉ. वीके अग्रवाल ने बताया कि सोशल मीडिया पर डिप्टी सीएमओ डॉ. बीएन चतुर्वेदी के रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने का मामला उनके संज्ञान में है। इसपर डीएम ने खुद संज्ञान लेकर डॉ. बीएन चतुर्वेदी के खिलाफ जांच के लिए कमेटी का गठन किया है। डीएम लेवल से मामले की मॉनीटरिंग भी की जा रही है। हालांकि इससे पहले सीएमओ डॉ. विनोद कुमार अग्रवाल का भी वीडियो वायरल हो चुका है। इसमें पांच लाख रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया था। इस मामले की भी डीएम लेवल से जांच की जा रही है।
बांसी में अवध हास्पिटल के प्रबंधक और शिकायतकर्ता रंजीत कुमार चौधरी ने डीएम को दो दिन पहले वीडियो और अन्य साक्ष्य देते हुए आरोप लगाया था कि अस्पताल को वर्ष 2016 से 2022 तक के लिए लाइसेंस निर्गत किया गया था। लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आवेदन किया तो सीएमओ ने पांच लाख की मांग की। असमर्थता जताने पर उन्होंने दो बार में डेढ़ लाख रुपये ले लिए। इसके बाद अस्पताल का नाम बदलकर एएच हास्पिटल कराने के बाद एक माह के लिए लाइसेंस जारी किया। बाद में सीएमओ ने मुलाकात करने से इंकार कर दिया।
जिलाधिकारी संजीव रंजन ने बताया कि आरोप लगाने वाला व्यक्ति बिना मानक पूरा किए ही अस्पताल का लाइसेंस जारी कराना चाह रहा था। वह कई बार मिलने के लिए आया था। हर बार वह रुपये के लेनदेन की बात करता रहता था, लेकिन उसे मना कर देता रहा। यह आरोप पूरी तरह निराधार है। सीएमओ डा. विनोद कुमार अग्रवाल का वीडियो वायरल होने का मामला संज्ञान में है। इस मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी।