17 मार्च 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

फर्जीवाड़ा: मनरेगा को जिम्मेदार ही लगा रहे पलीता, ग्रामीण हुए बेरोजगार

लाखों रुपए के भरे जा रहे फर्जी मस्टर रोल मझौली. जरूरतमंद लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना ग्रामीण क्षेत्र में लागू की गई है, जिसमें रोजगार की गारंटी दी जाती है जिसके लिए मांग के अनुसार रोजगार दिया जाए और उपयोगी स्थान में निर्माण कार्य कराए […]

2 min read
Google source verification
फर्जीवाड़ा: मनरेगा को जिम्मेदार ही लगा रहे पलीता, ग्रामीण हुए बेरोजगार

फर्जीवाड़ा: मनरेगा को जिम्मेदार ही लगा रहे पलीता, ग्रामीण हुए बेरोजगार

लाखों रुपए के भरे जा रहे फर्जी मस्टर रोल

मझौली. जरूरतमंद लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना ग्रामीण क्षेत्र में लागू की गई है, जिसमें रोजगार की गारंटी दी जाती है जिसके लिए मांग के अनुसार रोजगार दिया जाए और उपयोगी स्थान में निर्माण कार्य कराए जाने के प्रावधान है। जहां सार्वजनिक एवं हितग्राही मूलक कार्य मजदूरों से कराना अनिवार्य है क्योंकि योजना का प्रमुख उद्देश्य ही ग्रामीणों को रोजगार दिलाना है और यह योजना भी रोजगार मूलक है लेकिन जिन लोगों को योजना का क्रियान्वयन करना है वही जब योजना को पलीता लगाने लगेंगे तब उस योजना को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। कुछ इसी तरह का मामला जनपद पंचायत कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत डेवा का प्रकाश में आया है, जहां ग्रामीणों ने जमीनी हकीकत बताते हुए पूरे तंत्र पर सवाल उठाया है।
अनुपयोगी हैं निर्माण कार्य
ग्रामीणों ने बताया कि यहां कहने को तो 50 लाख के निर्माण कार्य के नाम पर मस्टर रोल जारी हैं लेकिन एक भी जरूरतमंद ग्रामीण को रोजगार नहीं मिलता है रोजगार की जरूरत है लेकिन जिम्मेदारों के दर्शन ही नहीं होते हैं जिस कारण जरूरतमंद ग्रामीण परेशान रहते हैं जबकि जल संरक्षण के नाम पर जहां खेत तालाब के निर्माण कराए गए हैं वहां बरसात में भी अगल-बगल का पानी नहीं जाएगा साथ ही खुदाई भी खानापूर्ति के हिसाब से की जाती है।
इन निर्माण कार्यों को लेकर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
खेत तालाब निर्माण बाल्मिक पटेल डेवा जिसमें 460 कार्य दिवस एवं 105791 रुपए मजदूरी भुगतान। खेत तालाब निर्माण रामकरण पिता दौलत बैगा 294 कार्य दिवस 68007 रुपए मजदूरी भुगतान। खेत तालाब निर्माण रामगोपाल पिता महादेव यादव देउमठ 437 कार्य दिवस 100809 रुपए मजदूरी भुगतान। भाईलाल उर्फ श्याम बंसल डेवा 463 कार्य दिवस 1 लाख 6819 मजदूरी भुगतान। नवीन तालाब निर्माण चरहाडांड देउमठ 5 लाख मजदूरी भुगतान। डग पौंड निर्माण बृजभान यादव के खेत के पास देउमठ 923 कार्य दिवस 167280 रुपए मजदूरी भुगतान। परकुलेशन टैंक निर्माण शिव प्रसाद बैगा के खेत के पास देउमठ 416 कार्य दिवस 47065 रुपए मजदूरी भुगतान। राम सुंदर पिता हीरालाल यादव खेत तालाब आदि शामिल है।
ग्रामीणों ने भौतिक सत्यापन करने की मांग की
ग्रामीणों ने समाचार पत्र के माध्यम से जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कर मांग किया है कि सभी निर्माण कार्यों की जिला स्तरीय जांच दल से जांच कराई जाए। अगर जेसीबी मशीन से निर्माण कार्य हुआ है तो उसका भुगतान रोक दिया जाए एवं जिम्मेदारों के खिलाफ पद के दुरुपयोग का मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
मशीन से निर्माण कार्य होना पाया जाएगा तो रूकेगा भुगतान
मनरेगा योजना ही रोजगार मूलक योजना है जिसमें जरूरतमंद ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलना चाहिए। अगर ग्राम पंचायत डेवा में इस तरह फर्जीवाड़ा किया जा रहा है तो उसकी निष्पक्ष जांच होगी और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। अगर मशीन से निर्माण कार्य होना पाया जाता है तो उसका भुगतान भी रोक दिया जाएगा।
अजय द्विवेदी, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, जनपद पंचायत कुसमी