
सीधी। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मे हुई अनियमितता की जांच करने जेआर रीवा बैंक सोमवार को पहुंचे। जहां संबंधित शाखा प्रवंधको को बुलाकर घंटो तक रिकार्ड खंगाले गए। यद्यपि किसी निर्णय पर पहुंचने से पहले अगली पेशी देकर वे वापस रीवा लौट गए।
बताया गया कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मे ट्रेक्टर ऋण मे ब्यापक स्तर पर घोटाला किया गया है। सत्यापन के दौरान २१ ट्रेक्टर मिले ही नहीं फिर भी काल्पनिक ब्यक्ति के नाम के आधार पर ट्रेक्टर ऋण की राशि आहरित कर ली गई। जिसका मामला जेआर के पास लंबित पड़ा हुआ है। इसके साथ ही बिना जमीन अधिग्रहण किए भवन का निर्माण, शासकीय राशि का गवन-खयानत, फर्जी नियुक्ती व पदोन्नति मामले की जांच करने जेआर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मे पहुंचे। जहां शाखा प्रवंधको व प्रधान कार्यालय को पूर्व मे ही उपस्थित रहकर दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे, जिस पर संबंधित शाखा प्रवंधक दस्तावेज के साथ उपस्थित रहे।
पूर्व सीईओ के खिलाफ लोकायुक्त मे मामला दर्ज-
सहकारी बैंक के पूर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी ज्ञानेंद्र पांडेय के कार्यकाल मे भी बैंक मे थोक के भाव मे अनियमितता बरती गई थी, जिसकी शिकायत दस्तावेज के साथ लोकायुक्त संगठन रीवा को दी गई। जिस पर लोकायुक्त के द्वारा मामला ३३/२०१८ मे पंजीवद्ध कर जांच शुरू कर दी गई। यद्यपि उन पर सतना मे रहते हुए भी ४४ लाख रूपए का गवन खयानत का भी मामला दर्ज किया जा चुका है।
गवन खयानत की एक भी रूपए नहीं वसूल पाया बैंक-
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के कर्मचारियों के द्वारा एक करोड़ रूपए से ज्यादा की राशि का गवन खयानत कर लिया गया है। जांच के दौरान गवन खयानत की पुष्टि हो चुकी है, किंतु एक मामले के अलावा अन्य मामले मे बैंक के द्वारा न तो एफआईआर दर्ज कराई गई और न हीं एक भी रूपए की वसूली बैंक कर पाया है। जिसकी भी जांच जेआर रीवा के द्वारा की गई।
Published on:
27 Dec 2019 01:46 pm
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