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लोकसभा चुनाव में उम्मीदवारों को इस बार जमानत बचाने के लिए करनी होगी जद्दोजहद, जानें क्या है वजह

16 फीसदी मत अनिवार्य: गत चुनाव में भाजपा-कांग्रेस के अलावा कोई प्रत्याशी नहीं बचा पाया था जमानत

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Lok Sabha elections, candidates will have to do this time to save bail.

Lok Sabha elections, candidates will have to do this time to save bail.

सीधी. सभी प्रत्याशियों को चुनाव लडऩे के लिए जमानत के रूप में चुनाव आयोग के पास एक निश्चित रकम जमा करनी होती है। जब प्रत्याशी निश्चित प्रतिशत मत हासिल नहीं कर पाता है तो उसकी जमानत जब्त हो जाती है यानी यह राशि आयोग की हो जाती है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 34 (1)(ख) के अनुसार लोक सभा का निर्वाचन लडऩे वाले सामान्य अभ्यर्थी को 25 हजार रूपए की प्रतिभूति राशि जमा करानी होती है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थी को आधी अर्थात साढे 12 हजार रूपए की प्रतिभूति राशि जमा करनी होगी।

जब्त राशि पर निर्वाचन आयोग का हक
ऐसे मे जमानत बचा पाने वाले प्रत्यासियो की ही प्रतिभूति राशि जमा हो पाएगी शेष उम्मीदवारो की राशि जप्त कर निर्वाचन आयोग की हो जाती है। 1994 के बाद आज तक भाजपा व कांग्रेस के अलावा अन्य राजनीतिक दल जमानत बचाने तक के लिए मत हांसिल करने मे सफल नहीं हो पाए हैं। अपवाद स्वरूप सीधी संसदीय सीट से एक बार भाजपा व कांग्रेस को सिकस्त देते हुए तिवारी कांग्रेस के उम्मीदवार तिलकराज सिंह राजू न सिर्फ जमानत बचा पाए थे बल्कि चुनाव भी जीतने मे सफल हो गए थे।

इतने मत अनिवार्य
प्रतिभूति राशि वापस पाने के लिए हुए मतदान मतो का 16 प्रतिशत मत हांसिल करना अनिवार्य है। अभी तो मतदान हुआ नहीं है। यदि सत प्रतिशत मतदान होता है तो जमानत बचाने के लिए उम्मीदवारो को बहुत ज्यादा मत जुटाने पड़ेगे। बताते चलें कि सीधी संसदीय क्षेत्र मे 18 लाख 32 हजार 267 मतदाता हैं। यदि सभी मतदाता मतदान करते हैं तो जमानत बचाने के लिए उम्मीदवार को 2 लाख 93 हजार 160 मत हांसिल करना होगा।