
sidhi news
सीधी। पारिवारिक प्रताडऩा से तंग महिलाओं के लिए बनाया गया आश्रय स्थल वन स्टाप सेंटर सखी न सिर्फ ऐसी महिलाओं का आश्रय प्रदान कर रहा है बल्कि काउंसलिंग कर पारिवारिक झगड़ों को समाप्त कर परिवार को जोडऩे का भी काम कर रहा है।
कुछ ऐसी ही कहानी सामने आई है एक शासकीय सेवक महिला की, जो अपने पति की प्रताडऩा से तंग आकर वन स्टाप सेंटर पहुंची थी। वाकया गत 11 अप्रैल 2019 की रात करीब 8 बजे का है, जब एक दिव्यांग महिला शीला(परिवर्तित नाम) वन स्टाप सेंटर रोते हुए डरी सहमी पहुंची। यहां के स्टाफ द्वारा महिला को आराम से बिठाकर पूंछतांछ शुरू की गई तो उसने बताया कि मैं शासकीय कर्मचारी हूं, मेरे पति मेरे कार्यालय में पहुंचकर मुझसे मारपीट किए और मेरे कुछ रिकार्ड भी नष्ट कर दिए हैं। पीडि़ता ने बताया कि मैं अपने माता-पिता की इकलौती संतान हूं, मेरी पहचान शिवलाल (परिवर्तित नाम) से 11 वर्ष पूर्व हुई और हम लोग पिछले दस वर्ष से पति पत्नी के रूप मे रहने लगे। 2-3 वर्ष तक हम दोनों के बीच सब ठीक था, इसके बाद मेरे पति शराब पीकर मारपीट करने लगे एवं मेरा वेतन भी छुड़ा लेते, मेरी बूढ़ी मां के साथ भी गाली गलौंज करते हैं एवं घर से निकाल देने के धमकी देते हैं। महिला ने बताया कि मैं आठ वर्ष से मारपीट सहकर टूट गई हूं, अब मुझे अपने घर जाने में डर लगता है। महिला को वन स्टाप सेंटर के आश्रय गृह में चार दिनों तक रखा गया और उसके पति को बुलाकर लगातार काउंसलिंग की गई। इसके साथ उसके पति को वन स्टाफ सेंटर से समझा बुझाकर घर भेजा गया। इसके बाद लगातार तीन माह तक प्रकरण का फालोअप किया जाता रहा। वन स्टाप सेंटर के काउंसलरों ने बताया कि अब शीला पति के साथ बेखौफ होकर रह रही है, दोनो के बीच किसी प्रकार का विवाद नहीं हो रहा है, पति भी अब मारपीट नहीं करता।
Published on:
20 Jun 2019 11:36 pm
बड़ी खबरें
View Allसीधी
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
