सीधी। शहर में मातमी पर्व मुहर्रम पर मुस्लिम समुदाय द्वारा ताजिया जुलूस निकाला गया। जुलूस के दौरान नुमाइशी अखाड़ा का प्रदर्शन करने के साथ ही या अली या हुसैन के नारे भी गूंजते रहे। ताजिया जुलूस को लेकर शहर में पुलिस सुरक्षा मुस्तैद देखी गई। शहर के अलावा ताजिया जुलूस जिले के तहसील मुख्यालयो में भी निकाले गये।
बुधवार को सुबह सीरनी, दरूद फ ातिया का आयोजन किया गया। यहां दिन भर दीन ए इलाही की दुआ और फ ातिया सहित विविध कार्यक्रम आयोजित होते रहे। अपरान्ह करीब 6 बजे से लंगर, ढोल-तासा का आयोजन किया गया। रात करीब 8 बजे से ताजिया एकत्र होकर ढोल-तासे के साथ बेलबाग होते हुए लालता चौक स्थित इमाम बाड़े के पास पुन: रखी गई। यहां पर पुन: दरूद फ ातिया का आयोजन किया गया। मुहर्रम के इस पर्व पर बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल होकर परंपरागत तरीके से मुहर्रम का पर्व मनाए। शहर के जामा मस्जिद के पास इमाम बाड़ा के बड़े चबूतरे के पास दिन भर शहर की दोनों ताजियां रखी रहीं। ताजिया में समुदाय के लोगों द्वारा सिन्नी आदि चढ़ाई गई। ज्ञात हो कि मोहर्रम के महीने में इस्लाम धर्म के संस्थापक हजरत मुहम्मद साहब के छोटे नवासे इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों को इराक के बयाबान में जालिम यजीदी फ ौज ने शहीद कर दिया था। हजरत हुसैन इराक के शहर करबला में यजीद की फ ौज से लड़ते हुए शहीद हुए थे। आशुरा के दिन सुन्नी समुदाय का एक पंथ जुलूस की शक्ल में ताजिया निकालता है। मुहर्रम के अवसर पर शहर के अलावा चुरहट, मड़वास, अमिलिया व अन्य तहसील मुख्यालयों में ताजिया झांकी जुलूस निकाला गया। इस दौरान मुस्लिम एजुकेशन सोसायटी सीधी के जिलाध्यक्ष दिलावर अली खांन, पिछड़ा वर्ग मुस्लिम संघ के जिलाध्यक्ष रनशेर अली खान बाबू, निज्जामुद्दीन शाह, सद्दाम अली खान, कमरूद्दीन शाह, अनवर सहित बड़ी संख्या में समुदाय के लोग मौजूद रहे।
ताजिया जुलूस में लाठी-पटा का प्रदर्शन-
मुहर्रम के पर्व में ताजिया निकाले जाते समय लाठी-पटा खेल प्रदर्शन की पुरानी परंपरा रही है। इस आयोजन में खासकर युवा वर्ग लाठी-पटा के आयोजन मे विशेष रूचि दिखाते हुए प्रदर्शन किए। यह प्रदर्शन कत्ल की रात को ताजिया छोटे चबूतरे से बड़े चबूतरे ले जाते समय तथा मुहर्रम के दिन ताजिया उसालते समय किया गया।
सुरक्षा के लिहाज से तैनात रही पुलिस-
मुहर्रम के पर्व के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ी सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। कत्ल की रात्रि के समय ताजिया ले जाते समय तथा बुधवार को दिन भर जामा मस्जिद के पास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। शाम ताजिया जामा मस्जिद से लालता चौक ले जाते समय भारी भीड़ के कारण यातायात व्यवस्था बनाने हेतु पुलिस द्वारा काफी मशक्कत की गई। नगर निरीक्षक कोतवाली सहित बड़ी संख्या में पुलिस अमला मौजूद रहा।