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सीधी

नगर में संघ ने निकाला पथ संचलन, लोगों ने पुष्प वर्षा कर किया स्वागत

एक सैकड़ा से अधिक स्वयंसेवकों ने लिया भाग

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सीधी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बैनर तले सीधी नगर में संघ स्थापना दिवस एवं विजयदशमी पर पथ संचलन का आयोजन किया गया। इसमें नगर की सभी शाखाओं के करीब एक सैकड़ा ेसे अधिक स्वयंसेवक शामिल हुुए। स्थानीय पूजा पार्क में एकत्रीकरण के बाद बौद्विक कार्यक्रम हुआ, इसके पश्चात संचलन प्रारंभ हुआ और नगर के प्रमुख चौक-चौराहो से होते हुये पुन: पूजा पार्क में आकर समाप्त हुआ। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि समाजसेवी विनय सिंह परिहार, मुख्य वक्ता जिला प्रचारक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सीधी शुभम, व्यवसायी संजीव श्रीवास्तव मंचासीन रहे।

बौद्धिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विनय सिंह ने कहा, भारत वसुदेव कुटुंबकम के सिद्धांत को अपना आदर्श वाक्य मानता है और इसी के आधार पर हम समूचे विश्व को अपना परिवार मानते हैं। वैश्विक स्तर पर जो भी परिवर्तन होता है वह कहीं ना कहीं प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भारत को भी प्रभावित करता है, यह सोच भारत को विश्व पटल पर एक विकसित राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत करता है। भारत विविधताओं में भी एकता वाला देश है। जहां अनेक धर्म, संप्रदाय एवं जाति के होते हुए भी लोग एकता के सूत्र में बंधे हुये हैं। वैष्विक स्तर पर यही हमारे देश की प्रमुख विशेषता है। भारत की जो वर्तमान चुनौतियां हैं, उनको कैसे हल किया जा सकता है इस पर भी विचार करना चाहिये। हमें राष्ट्रवाद के परिभाषा को बेहतर तरीके से समझना होगा।

पांच परिवर्तन के सिद्धांत पर कार्य करेगा संघ-
मुख्य वक्ता शुभम ने कहा, धर्म क्या है यह भी हमें अच्छे तरीके से समझना होगा। कहा, हम अब और तेजी से समाज में परिवर्तन लाने की दिशा की ओर बढ़ रहे हैं। इसीलिए शताब्दी वर्ष में हम अब पांच परिवर्तन के सिद्धांत पर कार्य करने जा रहे हैं। इस पंच परिवर्तन में पांच आयाम शामिल किए गए हैं। पहला स्व का बोध अर्थात स्वदेशी, दूसरा नागरिक कर्तव्य, तीसरा पर्यावरण, चौथा सामाजिक समरसता एवं पांचवा कुटुंब प्रबोधन। स्व के बोध से नागरिक अपने कर्तव्यों के प्रति सजग होंगे। नागरिक कर्तव्य बोध अर्थात कानून की पालना से राष्ट्र समृद्ध व उन्नत होगा। सामाजिक समरसता व सद्भाव से ऊंच-नीच जाति भेद समाप्त होंगे। पर्यावरण से सृष्टि का संरक्षण होगा तथा कुंटुंब प्रबोधन से परिवार बचेंगे और बच्चों में संस्कार बढ़ेंगे।

पुष्पवर्षा के साथ स्वागत-
बौद्धिक उद्बोधन के बाद पथ संचलन पूजा पार्क से प्रारंभ होकर सम्राट चौक, कोतवाली रोड, पुराना हनुमान मंदिर, फूलमती मंदिर, पटेल पुल, लालता चौक, गांधी चौक होते हुये पुन: पूजा पार्क में समाप्त हुआ। पथ संचलन के दौरान नगर वासियों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनो ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर संचलन का स्वागत किया। संचलन में जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर मुस्तैद रहा।