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सीकर में सक्रिय हुए नेता ,उपद्रवियों की पहचान कर कार्रवाई की मांग स्वीकार, 91 को जमानत पर छोड़ा ,5 अभी भी गिरफ्त में

ऐसे में हादसे के शिकार युवक के शव का रात 2 बजे तक जनाजा नहीं निकाला गया। बाद में देर रात 2.30 बजे शव को सुपूर्दे खाक किया गया

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सीकर. शहर के फतेहपुर रोड पर सडक़ हादसे में युवक की मौत के बाद मचा बवाल दूसरे दिन समझौते की वार्ताओं के बीच शांत रहा। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए शुक्रवार को भी फतेहपुर रोड पर पुलिस जाब्ता तैनात रहा। उपद्रव की आशंका के चलते संभावित स्थानों पर पुलिस की गश्त जारी रही। समझौता वार्ता के बाद शाम को शहर कोतवाली में ही शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार 96 आरोपितों को पेश किया गया। जहां से उन्हें जमानत दे दी गई। वहीं पुलिस ने फुटेज के आधार पर पहचान कर इनमें से पांच आरोपितों को थाने में ही रोक लिया। ऐसे में हादसे के शिकार युवक के शव का रात 2 बजे तक जनाजा नहीं निकाला गया। बाद में देर रात 2.30 बजे शव को सुपूर्दे खाक किया गया।

सक्रिय हुए नेता
उपद्रव के मामले को लेकर कांग्रेस और माकपा के नेता सक्रिय हो गए। दिनभर चली वार्ताओं के दौर के बाद इस मामले को लेकर उपजा गतिरोध दोपहर बाद शांत हो गया। माकपा नेता अमराराम, पूर्व प्रधान उस्मान खां, कय्यूम कुरैशी ने हादसे के शिकार युनूस भाटी के घर जाकर परिजनों को ढांढ़स बंधाया। सबसे पहले वार्ता का दौर सुबह शहर कोतवाली में शुरू हुआ। नगर परिषद सभापति जीवण खां, पार्षद मुस्ताक तंवर व मुस्लिम समाज के नेताओं ने पुलिस अधिकारियों से इस मामले में पकड़े गए सभी युवकों को बिना शर्त छोडऩे की बात रखी। जिसे पुलिस ने नकार दिया।

इसके बाद इस्लामियां स्कूल चौक व पूर्व मंत्री राजेन्द्र पारीक के घर पर रणनीति बनाई गई। अंत में पुलिस कंट्रोल रूप में अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. तेजपाल सिंह, पुलिस उप अधीक्षक गिरधारीलाल शर्मा, मोहम्मद अयुब खान की पूर्व मंत्री राजेन्द्र पारीक, सुभाष महरिया, सभापति जीवण खां, पार्षद मुस्ताक तंवर, चांद खा मुगल व अन्य के साथ हुई वार्ता में धारा 151 में गिरफ्तार आरोपितों को उपखंड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर छोडऩे पर सहमति बनी। उपद्रवियों की पहचान कर कार्रवाई की मांग स्वीकार कर ली गई।

लिया युवक का शव
इस्लामियां स्कूल चौक में दोपहर में हुई बैठक में समाज के नेताओं ने गिरफ्तार आरोपितों की रिहाई से पहले युनूस का शव लेने से इनकार कर दिया। जयपुर में पोस्टमार्टम के बाद भी शव नहीं लिया गया। लेकिन पुलिस नियंत्रण कक्ष में हुई वार्ता के बाद परिजनों ने शव ले लिया। इसके बाद शहर कोतवाली में गिरफ्तार 96 युवाओं में से 91 को छोड़ दिया गया, लेकिन पांच आरोपितों को जांच के लिए रोक लिया। इन युवकों को थाने से रिहा करने की मांग को लेकर रात 12 बजे तक शव को सुपूर्द-ए-खाक नहीं किया गया था।

कोतवाली में भीड़
फतेहपुर रोड पर उपद्रव के बाद मौके से 96 लोगों की गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को दिनभर शहर कोतवाली में भीड़ रही। पुलिस ने गिरफ्तार युवकों को रात को ही दादिया, राणोली व अन्य थानों में भिजवा दिया। ऐसे में उनके परिजन उन्हें छुड़ाने के लिए दिनभर इधर से उधर दौड़ लगाते रहे। शाम को युवकों को उपखंड अधिकारी के समक्ष पेश किया गया तो कोतवाली में लोगों की भीड़ एकत्र हो गई।

छाई रही खामोशी
रोडवेज बस जलाने की घटना और पुलिस के लाठीचार्ज के बाद फतेहपुर रोड पर शुक्रवार को खामोशी छाई रही। हालांकि दुकानदारों ने सुबह अपनी दुकानें खोल ली, लेकिन ग्राहकों की संख्या कम रही। शांतिभंग में गिरफ्तार 96 आरोपितों को उपखंड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया।

वहां से उनकी जमानत हो गई। पुलिस ने इनमें से पांच आरोपितों से बस में आग लगाने व पथराव की जांच कर रही है। जांच में स्पष्ट होने पर गिरफ्तार किया जाएगा। मामले में पुलिस पर हमला, राजकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के साथ बलवे का मामला दर्ज किया है। रोडवेज बस के चालक ने भी हमले का मामला दर्ज करवाया है।

डॉ. तेजपाल ङ्क्षसह, अपर पुलिस अधीक्षक, सीकर

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