17 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान में किसानों की बल्ले- बल्ले, जौ की बुवाई ने तोड़ा रेकार्ड, कृषि विभाग ने जारी किया आंकड़ा

Agriculture News: प्रदेश के मौसम में बदलाव और बढ़ती मांग को देखते हुए किसानों ने गेहूं की तुलना में कम लागत वाली फसल जौ की जमकर बुवाई की है। बरसों बाद प्रदेश में जौ की बुवाई लक्ष्य की तुलना में ज्यादा हुई है।

2 min read
Google source verification

सीकर

image

Kirti Verma

Dec 15, 2023

barley_

Agriculture News: प्रदेश के मौसम में बदलाव और बढ़ती मांग को देखते हुए किसानों ने गेहूं की तुलना में कम लागत वाली फसल जौ की जमकर बुवाई की है। बरसों बाद प्रदेश में जौ की बुवाई लक्ष्य की तुलना में ज्यादा हुई है। कृषि विभाग ने जौ की बुवाई के लिए 3 लाख 65 हजार हेक्टेयर में बुवाई का लक्ष्य तय किया था लेकिन किसानों के रुझान के कारण यह आंकड़ा 4 लाख 20 हजार 310 हेक्टैयर तक पहुंच गया। सब कुछ ठीक रहा तो इस बार जौ का प्रदेश में अच्छा उत्पादन होगा। किसानों की माने तो रात के समय ओस गिरने और तापमान में कमी से जौ का अंकुरण भी अच्छा हो रहा है।

इस कारण रहा ज्यादा रुझान
चिकित्सकों के अनुसार जौ में विटामिन, लोहा, कैल्शियम, मैग्नीशियम, सेलेनियम, जिंक, कॉपर, प्रोटीन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट का बेहतर स्रोत है। दावा है कि जौ के लगातार सेवन से शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है. इससे दिन का दौरा, मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर और मोटापा जैसे रोगों में फायदा मिलता है। इसमें पाया जाने वाला फाइबर सेहत के लिए लाभकारी है. जौ में मौजूद फॉस्फोरस, कैल्शियम, तांबा, मैग्नीशियम और जस्ता, हड्डियों को मजबूत करता है और सेहत में सुधार करता है। जौ से विभिन्न प्रकार के खाद्य सामान विभिन्न बीमारियों को ध्यान में रखकर बनाए जा रहे हैं। यही कारण है कि लोग खाने में मल्टीग्रेन आटे को काम में लेने लगे हैं। जिससे जौ की मांग तेजी से बढ़ रही है।

जौ की सर्वाधिक बुवाई
कृषि विभाग के जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में रबी सीजन में सर्वाधिक बुवाई जौ की 115.15 प्रतिशत, सरसों की बुवाई 87.07 प्रतिशत, गेहूं की बुवाई 82.63 चना की बुवाई 88.71 और दलहनी फसलों की 99.55 प्रतिशत हुई है। वहीं कुल बुवाई का आंकड़ा 87.71 प्रतिशत पर पहुंच गया।

यह भी पढ़ें : बीसलपुर को मिले पर्यटन की नई ऊंचाईयां, प्राकृतिक सम्पदा का है खजाना, बस नजरें हो इनायत

इन जिलों में हुई ज्यादा बुवाई
प्रदेश में इस बार जौ की बुवाई का लक्ष्य तीन लाख 65 हजार हेक्टैयर तय किया गया है। जिसकी एवज में अब तक 4 लाख 20 हजार 310 हेक्टैयर में बुवाई हो चुकी है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार अजमेर जिले में लक्ष्य की तुलना में 4822 हेक्टैयर, जयपुर जिले में 6686 हेक्टैयर, नागौर जिले में 4463 हेक्टैयर, भरतपुर जिले में 263 हेक्टैयर, धौलपुर जिले में 1242 हेक्टैयर, बीकानेर जिले में 15020 हेक्टैयर, जैसलमेर जिले में 2250, गंगानगर जिले में 7282 हेक्टैयर, जोधपुर जिले में 1350 हेक्टैयर, बारां जिले में 346 हेक्टैयर, बूंदी जिले में 2527 हेक्टैयर, झालावाड़ जिले में 780 हेक्टैयर, भीलवाडा जिले में 13790 हेक्टैयर, चित्तौडगढ़ जिले में 10365 हैक्टेयर, राजसमंद जिले में 1461 हेक्टैयर में जौ की ज्यादा बुवाई हो चुकी है।

फैक्ट फाइल बुवाई हैक्टेयर में
फसल—— राजस्थान —— सीकर
जौ— 401672 —- 38255
गेहूं- 2489688—— 82722
चना— 1835962—-57934
सरसों— 3552601—- 62822
तारामीरा—130963—-9254,

यह भी पढ़ें : राजस्थान की ये खूबसूरत पांच हवेलियां, जिनकी पीएम मोदी भी कर चुके तारीफ, हर साल आते हैं 8 लाख पर्यटक