
Raksha Bandhan
झुंझुनूं. ये है प्रमिला। इस बहन को रक्षाबंधन 2018 से दो दिन पहले भाई ने सबसे खास तोहफा दिया है। प्रमिला राजस्थान के झुंझुनूं जिले के गांव बुडाना की रहने वाली है। हां जी, बुडाना वहीं गांव है, जिसके बेटे ओमप्रकाश ने एशियन गेम्स 2018 की नोकायन स्पद्र्धा में स्वर्ण पदक जीता है। ये पदक ही ओमप्रकाश की बहन प्रमीला के लिए रक्षाबंधन का सबसे खास तोहफा है।
asian games 2018 : ओमप्रकाश ने निभाया पत्नी से किया वादा, जानिए नौकायन में गोल्ड विजेता की पूरी स्टोरी
शुक्रवार को एशियन गेम्स में ओमप्रकाश की टीम ने स्वर्ण पदक जीता तो प्रमिला को भी बधाई देने वालों का तांता लग गया। भाई की जीत से उत्साहित बहन प्रमिला ने बताया कि एक दिन पहले डब्लस में पदक नहीं जीतने पर कुछ निराश था। प्रमिला ने बताया कि गुरुवार को भाई को फोन कर हौसला बंधाया था। शुक्रवार को स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी। उसने बताया कि रक्षाबंधन 2018 पर भाई ने बहुत अनमोल उपहार दिया है।
पत्नी से बोला इस बार लाऊंगा स्वर्ण पदक
पत्नी सरोज पति की सफलता स्वयं को गौरावंति महसूस कर रही है। सरोज ने बताया कि 13 अगस्त को फोन किया। उस समय ओमप्रकाश तैयारियों में जुटे हुए थे। पत्नी को कहा कि इस बार गोल्ड मेडल लेकर ही लौटेगा।
बुडाना गांव की गलियों से खेलकर नौकायन में देश को सोना जिताने वाले ओमप्रकाश के गांव में शुक्रवार को खुशियों की दीवाली रही। गांव में जैसे ही अपने लाड़ले के पदक जीतने की सूचना मिली तो हर कोई खुशी से नाच उठा। दिनभर टीवी पर गांव के लोग टीवी पर टकटकी लगाए रहे। पदक जीतते ही गांव में मिठाई बांटी गई।
ओमप्रकाश के गांव के लोगों का कहना है कि मेहनत से पहले ही भरोसा था कि एक दिन वह जरूर पदक जीतकर आएगा। किसान पिता शीशपाल कृष्णियां व मां शरबती ने बताया कि ओमप्रकाश की पढ़ाई से ज्यादा खेलों में रुचि रही थी। एक दिन उसने नौकायान के लिए तैयारियों की बात कही। लेकिन रुपए खर्च होने की बात कही, इस पर मां शरबती ने हौंसला बढ़ाया। इसका परिणाम रहा कि कड़ी मेहनत में जुट गया।
सुबह से था इंतजार
भाई जयप्रकाश ने बताया कि सुबह प्रतियोगिता होने पर टीवी पर टकटकी लगाए बैठा था। लेकिन मैच का सीधा प्रसारण नहीं होने पर इंटरनेट पर जानकारी ले रहा था। कुछ देर बाद परिणाम आने पर खुशी का ठिकाना नहीं रहा। ओमप्रकाश का बेटा भव्य फिलहाल नर्सरी में पढ़ रहा है। चाचा, दादा, दादी, मां व चाची से पिता की उपलब्धि पर सारे मेडल गले में डालकर घूमता नजर आया। बेसब्री से पिता के आने का इंतजार कर रहा, रह-रहकर मां से पूछता पापा कब आएंगे।
Published on:
25 Aug 2018 02:53 pm
बड़ी खबरें
View Allसीकर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
