श्याम भक्तों के लिए बनेगा कॉरिडोर, नए बाइपास भी बनेंगे
सियासी पिच पर सीकर की धाक और मजबूत हो गई है। नीमकाथाना को जिला बनाने की मांग को लेकर 70 वर्ष से कई तरह के जतन करते आ रहे क्षेत्रवासियों के संघर्ष की शुक्रवार को जीत हो गई। कस्बेवासियों ने राज्य सरकार का शुक्रिया जताया है। राजस्थान पत्रिका का अभियान नीमकाथाना बने जिला व विधायक सुरेश मोदी की जयपुर तक पैदल मार्च का प्रण पूर्णतया सफल हो गया। अपने हक को लेकर जनप्रतिनिधियों से लेकर आमजन 1952 से अब तक के सफर के बीच धरना प्रदर्शन से लेकर आमरण अनशन तक किया। सबसे पहले वर्ष 1952 में प्रथम विधायक रहे कपिल देव मोदी ने विधानसभा में प्रस्ताव भेजा था। 1986 में ओमप्रकाश सांई ने जिला बनाने का प्रचार शुरू किया। 1997 में पूर्व विधायक दिवंंगत मोहनलाल मोदी ने जिले का मुद्दा उठाया। 2003 में झुंझुंनू की पूर्व विधायक सुमित्रा ने धरने पर बैठे सांई को आश्वसन देकर उठाया था। 2006-07 में दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा ने सभा की उस दौरान भी जिले का मुद्दा उठा। वर्ष 2006 में पूर्व सांसद दिवंगत किशन मोदी ने जिला बनाने पर सरकार को जमीन व पैसे देने का वादा किया था। वही वर्षो से विधायक सुरेश मोदी इस मांग को विधानसभा में उठाते आ रहे है।
कमेटी के सामने पेश की थी रिपोर्ट
नीमकाथाना को जिला बनाने की मांग को लेकर सीकर जिला प्रशासन ने राज्य सरकार को प्रस्तावित खाके की रिपोर्ट तैयार कर भिजवाई थी। उस समय से ही क्षेत्रवासियों ने रिपोर्ट पर सरकार की मुहर लगने की ठान ली थी। प्रदेश में नए जिले बनाने के लिए सरकार की ओर से गठित की गई उच्च स्तरीय कमेटी परीक्षण के बाद विधायक मोदी ने लगातार पूर्व आइएएस राम लुभाया कमेटी के पास पहुंच कर अपनी रिपोर्ट पेश कर रहे हैं। इधर, नवीन जिला गठन कमेटी ने जिला कलक्टर को पत्र भेजकर 11 बिंदुओं पर मांगी तथ्यात्मक रिपोर्ट 29 सितंबर को आयोजित होने वाली बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर अनिल महला ने पेश की। इस रिपोर्ट को तैयार करने में तत्कालीन उपखंड अधिकारी बृजेश कुमार ने भी पूरी मेहनत लगाई थी।
सीकर जिले को यह मिली सौगात
सीकर संभाग
नीमकाथाना जिला
लक्ष्मणगढ़ सीकर में स्काउट आवासीय विद्यालय।
लक्ष्मणगढ़ कॉलेज पीजी में क्रमोन्नत।
मानसिक विमंदित, मूक बधिर व नेत्रहीन विद्यालय
सीकर में सिथेटिंक ट्रैक की घोषणा
लक्ष्मणगढ़ व नेछवा के राजकीय विद्यालयों में खेल मैदान
पुरोहित का बास, करड़, शाहपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र
बाय व फागलवा सामुदायकि स्वास्थ्य केन्द्र में क्रमोन्नत
रामगढ़-शेखावाटी अस्पताल में बेड की क्षमता 30 से बढ़ाकर 50 की जाएगी
पणिहारबास खंडेला में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्
-चारोडा धाम खण्डेला से चामुण्डा माता मन्दिर तक (2.5 किमी.) सड़क के लिए 3 करोड़ रुपए
-जाजीम मोहल्ला पुल से बल्लुपुरा होते हुए रामपुरा सीमा तक (4
किमी.) सड़क के लिए 3 करोड़ 20 लाख रुपए
-पांचू खरकडा से डूंगा की नांगल वाया बंदरी की ढाणी तक,
नीमकाथाना (5.5 किमी) सड़क के लिए 2 करोड़ 75 लाख रुपए
-दलपतपुरा बाईपास (5 किमी.) के लिए 5 करोड़ रुपए
-सांवलोदा पुरोहितान से परडोली छोटी (3.5 किमी.) सड़क के लिए एक करोड़ 5 लाख
-रामगढ़ शेखावाटी में बाईपास सड़क (8 किमी.) के लिए 14 करोड़ 40 लाख
-सदीनसर-तिहावली-विहाय-भाखरवासी -ठिमोली का सुदृढ़ीकरण
(16 किमी.) के लिए 7 करोड़ 20 लाख
-बलोद बडी-ठेडी कायमसर-ताखलसर-ढाकास सड़क (19 किमी) के लिए
6 करोड़
-जुराठडा से अभयपुरा मोड वाया देवनारायण जी के मन्दिर तक (5.5
किमी.) के लिए 1 करोड़ 70 लाख
-बुटोली स्टेण्ड से श्यामगढ वाया हरिपुरा, उनवाडा जोहडा, पकोड़ी
प्याउ, जे के भटटा, गुढ़ा नाथूराम व अमीचन्द की ढाणी, अभयपुरा
मोड, राजपुरा, यादवों की ढाणी, राजपुरा मोड केरवालो की ढाणी
तक (16.9 किमी.) सड़क के लिए 4 करोड़ 50 लाख
-कोलिडा तारपुरा सड़क से एस.एच. 8 वाया पालडी बेरी स्टेण्ड बेरी
गोरू मील बसावा तिराहा, केमरी की ढाणी, बालाजी का नाडा तक
(18.5 किमी.) सड़क के लिए 5 करोड़
-गढी खानपुर से बालाजी नगर वाया बालवाड, खण्डेला (6 किमी.)
सड़क के लिए 1 करोड़ 80 लाख रुपए
टांक मोड एस एच 83 से दुल्हेपुरा तक टांक मोड व होद (जंक्शन
निर्माण सहित) (2.5 किमी.) के लिए 3 करोड़
-दादिया से कटराथल वाया दिनापुरा, झीगर तक - (10 किमी.)
3 करोड़
-एनएच 52 ठिकरिया पशुं चिकित्सालय के सामने से गौरिया तक
वाया बाजियों की ढाणी, रामदास का बास, हंगुनियां जोहडा, सामोता
4 करोड़ रुपए
-धोद में बाईपास सड़क का निर्माण (5 किमी.) के लिए 10 करोड़
-नीमकाथाना-कोटपूतली सड़क के लिए 178 करोड़
नीमकाथाना बाईपास (एसएच 37बी) में नीमकाथाना में एलसी
80 पर आरओबी का निर्माण 60 करोड़
रामगढ़ शेखावाटी में बारिश के पानी निकासी के लिए पांच करोड़
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 40 हैण्डपंप व दस ट्यूबवैल
कोला की नांगल में 33 केवी नया जीएसएस
बालेश्वर में पर्यटकों के लिए नई सुविधाएं विकसित होग
खाटूश्यामजी आने वाले भक्तों के लिए 32 करोड़ की लागत से नया कॉरिडोर
खाटूश्यामजी पेनोरेमा की डीपीआर बनेगी
कानून व्यवस्था:
बऊ में पुलिस चौकी
पाटोदा में विद्युत निगम का सहायक अभियंता कार्यालय
खंडेला में जलदाय विभाग क अधिशाषी अभियंता कार्यालय
लक्ष्मणगढ़ में सार्वजनिक निर्माण विभाग का अधिशाषी अभियंता कार्यालय
और सियासी बोल भी.....
सीकर को दिलाया हक
सीकरवासियों के मन में संभाग का सपना था। मुख्यमंत्री को यहां के लोगों की जनभावनाओं से रूबरू कराया। अभिभाषक संघ के अलावा अन्य संगठनों ने आंदोलन किए। यहां के लोगों की आवाज और मुखर होकर सरकार तक पहुंची। संभाग बनने से सीकर और तेजी से विकसित हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को सबसे ज्यादा तोहफे सीकर जिले को दिए है।
गोविन्द सिंह डोटासरा, पीसीसी अध्यक्ष
मुख्यमंत्री तक संभाग की मांग पहुंचाई थी। अब संभाग बनने से सीकरवासियों का काफी फायदा मिलेगा। पहले सीकर में एडीएम सिटी की घोषणा हो चुकी है। इससे लोगों को कामकाज में काफी फायदा मिलेगा। सीकर को सड़क, स्वास्थ्य और खेल सहित सभी क्षेत्रों में नए तोहफे मिले है।
राजेन्द्र पारीक, विधायक, सीकर
विकास के अरमानों को पंख लगेंगे
सीकर को संभाग बनाने के लिए लगातार प्रयासरत थे। इससे शिक्षानगरी का और तेजी से विकास हो सकेगा। सीकर को सभी क्षेत्रों में काफी तोहफे मिले है। नीमकाथाना को जिला बनाने का सपना भी पूरा हो गया है।
सुनीता गिठाला, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
संभाग की घोषणा बेहतर, नए जिले कैसे धरातल पर आएंगे
संभाग की घोषणा के लिए लगातार आंदोलन किया जा रहा था। संभाग की घोषणा सीकरवासियों की जीत है। लेकिन नए जिलों की घोषणा बिना होमवर्क के कर दी गई है। सरकार की कई घोषणाएं है जो चार साल में भी पटरी पर नहीं आ सकी।
इंदिरा चौधरी, जिलाध्यक्ष, भाजपा
बोले बार अध्यक्ष- संघर्ष की जीत
सीकर को संभाग बनाने की घोषणा वकीलों, सभी वर्ग व आम जनता के संघर्ष की जीत है। इस मांग को लेकर जिला बार एसोसिएशन के बैनर तले लंबे समय से आंदोलन किया जा रहा था। सरकार ने सही समय पर निर्णय लेते हुए जन आंकाक्षाओं को पूरा करके अंचल के लोगों को ऐतिहासिक सौगात दी है। सीकर को संभाग बनने से शेखावाटी अंचल के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा तथा रोजगार के नए अवसर मुहैया होंगे। इससे उनके, श्रम, समय व धन की बचत भी होगी। इस सौगात के लिए राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत साधुवाद के पात्र हैं।
एडवोकेट राजेंद्र शर्मा, अध्यक्ष जिला बार एसोसिएशन
आम आदमी को मिलेगा फायदा
आबादी को देखते हुए सीकर को संभाग और जिला बनाने की घोषणा अच्छी है। प्रशासनिक इकाई छोटी होने से आम आदमी को फायदा होगा। हालांकि जयपुर और जोधपुर जिले में जहां पहले से कमिश्नरेट है। उन्हें उत्तर-दक्षिण में बांटने का औचित्य नहीं है। इन जगहाें को शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में बांटने से ज्यादा फायदा होता ।
अमराराम, राज्य सचिव, माकपा
सीकर संभाग बनने से औद्योगिक निवेश का माहौल बनेगा। यहां के लोगों की विकास की उम्मीदों को और पंख लग सकेंगे। नीमकाथाना जिला बनने से खनिज सम्पदा के मामले में जरूर हमारी धाक कमजोर होगी।
निर्मल खेतान,, सचिव, उद्यमी संघ
सीकर को संभाग बनाने के लिए पिछले दिनों ही पत्र लिखा था। सीकर क्षेत्रफल व आबादी के हिसाब से पात्रता पूरी करता था। इसलिए सीकर का संभाग बनना कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार तय था।
नंदकिशोर महरिया, पूर्व विधायक
एक्सपर्ट व्यू....बेहतर होंगी कानून व्यवस्था, जिलों का गठन चुनौती
संभाग बनने से निश्चित तौर कानून व्यवस्था बेहतर होगी। यहां आईजी कार्यालय खुलने से नफरी भी बढ़ेगी। वहीं सीनियर अधिकारियों के बैठने से प्रशासनिक निर्णय भी तत्काल हो सकेंगे। सीकर, चूरू, झुंझुनूं व नीमकाथाना के लोगों को अब जयपुर व बीकानेर नहीं जाना पड़ेगा। इससे श्रम व धन की बचत होगी। परिवादियों को भी समय पर न्याय मिलने की आस जगी है। सरकार ने जिलों की घोषणा तो कर दी लेकिन नए जिलों की सीमाओं का गठन करना निश्चित तौर पर चुनौती रहेगी।
ईश्वर सिंह राठौड़, सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी