
पुलिस दूसरे दिन भी बारदात के शिकार व्यापारियों के विरोधाभासी बयानों में उलझी रही। मामले की जांच के लिए पुलिस की टीम गुरुवार को दिल्ली जाएगी। वहां पर व्यापारियों से हुए लेनदेन की जांच करेगी। पुलिस वारदात में मिलीभगत की आशंका से भी इनकार नहीं कर रही है।
सीकर के पशु व्यापारी रफीक, सिकन्दर खान, ट्रक चालक राकेश बलाई, बालचंद मीणा व श्रमिक यासिक ने पुलिस को बताया है कि वे 22 मई की रात पहाडग़ंज नई दिल्ली से बकरे बेचकर ट्रक से सीकर के लिए रवाना हुए थे। इनके पास सीकर के 15 से अधिक व्यापारियों के 86 लाख रुपए थे। बाद में रफीक ने यह रकम 18 लाख 30 हजार रुपए बताई। एेसे में मामला उलझ गया। पुलिस ने 18 लाख 30 हजार रूपए की लूट का मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने अब पीडि़तों से सीकर व दिल्ली के सभी व्यापारियों के नाम ले लिए है। पुलिस इनसे पूछताछ कर पहले रकम का खुलासा करेगी।
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वारदात के शिकार व्यापारियों ने पुलिस को बताया है कि एक लूटेरे ने ट्रक में सवार चार व्यापारियों को बोलेरो में बैठने के लिए कहा। उसके इतना कहने पर व्यापारी बोलेरो जीप में बीच की सीट पर बैठ गए। उन्होंने वहां पर किसी तरह का विरोध नहीं किया। लुटेरे के पास घातक हथियार होने की बात भी सामने नहीं आई है। कहानी पुलिस के गले नहीं उतर पा रही है।
Published on:
25 May 2017 03:08 pm
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