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मिसाल : दहेज में मिल रही कार ठुकराकर दूल्हे ने ली सिर्फ गाय व बछड़ी

दहेज के खिलाफ संदेश देने वाली ये शादी राजस्थान के झुंझुनूं जिले के चिड़ावा में हुई

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chirawa shadi

दहेज में कार ठुकराकर सिर्फ गाय और बछड़ी लेने वाले दूल्हे की पूरा शेखावाटी कर रहा तारीफ

चिड़ावा (झुंझुनूं) देशी गायों को बचाने के लिए एक परिवार ने पहल की है। गोरक्षा दल की प्रेरणा से पिता ने बेटी की शादी में देशी गाय व बछड़ा उपहार स्वरूप प्रदान किए। जिसकी बाराती-घरातियों ने खूब प्रशंसा की। जानकारी के अनुसार वार्ड 12 निवासी व नरहड़ स्कूल के प्रिंसीपल महेश पारीक की बेटी खुशी की मंगलवार रात को शादी हुई।

जिसमें महेश पारीक ने देशी गायों को बचाने के लिए पहल करते हुए दामाद लेक्चरर साहवा निवासी सुशील को देशी गाय व बछड़ा उपहार स्वरूप दिया। खुशी के पिता महेश को यह प्रेरणा भाई के लडक़े व गोरक्षा दल के सदस्य अभिषेक पारीक से मिली। बेटी को उपहार स्वरूप देशी गोधन दिए जाने की लोगों ने खूब सराहना की।


शादी में गए लोगों ने की प्रशंसा-
प्रिंसीपल महेश पारीक की लाडली खुशी की शादी में आए लोगों ने परिजनों द्वारा देशी गाय उपहार में दिए जाने की खुब प्रशंसा की। लोगों ने महेश की इस पहल को अनूठा बताया। उन्होंने बताया कि देशी गायों को बचाने के लिए बहुत ही अच्छी पहल की है। इससे दूसरे लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी।

दहेज में दे रहे थे कार, समधी ने ठुकराया

खुशी की शादी में परिजन उसे दहेज स्वरूप कार देना चाहते थे। मगर समधी ने मना कर दिया। खुशी के ताऊ के लडक़े अभिषेक पारीक के अनुसार लाड़-कोड से पली खुशी को घरवाले उपहार स्वरूप कार देना चाह रहे थे। जिसकी बाकायदा एजेंसी में बुकिंग भी करवा दी थी। इदस बात की भनक दुल्हे कि पिता शिक्षक हरिकिशन को लग गई। जिस पर उन्होंने खुशी के पिता महेश से कार की बुकिंग निरस्त करवाने की बात कही। उन्होंने कहा कि आपकी लडक़ी ही हमारे लिए दहेज है। ऐसे में खुशी के परिजनों ने बेटी की शादी में उपहार स्वरूप देशी गाय देने की ठानी।