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SIKAR : मौत सामने देख मां ने कार से धकेले 3 बच्चे, फिर पति के साथ ही खुद समा गई मौत के मुंह में

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Couple dies in Road accident in Sikar Rajasthan

Couple dies in Road accident in Sikar Rajasthan

सीकर. गोकुलपुरा-झुंझुनूं बाइपास रोड पर गुरुवार शाम कट्टे पेड़ों से भरा ट्रक कार पर पलट जाने से कार में सवार तीन लोगों की मौत हो गई। जिसमें दंपति सहित कार का चालक शामिल था। हादसे में दंपति की तीन छोटे बच्चों के भी हल्की-फुल्की चोट लगी। जिनको प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। घटना के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया और कार क्षतिग्रस्त होने से पुलिस ने शवों को बमुश्किल बाहर निकलवा कर एसके अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिए। जिनका पोस्टमार्टम शुक्रवार को किया जाएगा।

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पुलिस के अनुसार मृतक मैना देवी और उसका पति सुरेंद्र व कार चालक रामचंद्र हैं। जो कि, राजसमंद से कार लेकर पुरोहित की ढाणी में तीए की बैठक में शामिल होने आए थे। पुरोहितजी की ढाणी में मैना देवी के नाना कजोड़मल की गत दिन पहले मौत हो गई थी। यहां बैठक में शामिल होने के बाद मैना देवी अपने पति सुरेंद्र व कार चालक रामचंद्र तथा दो बेटियां हिमांशी, संध्या तथा ढाई साल के बेटे अविनाश के साथ वापस राजसमंद जा रही थी। शाम करीब सवा चार बजे कार चालक डिवाइडर कट के पास कार को घुमा रहा था और पीछे से जयपुर नंबर का कट्टे पेड़ों से भरा ट्रक आ रहा था। कार चालक ने गाड़ी को आगे की साइड में लिया तो ट्रक चालक ने ट्रक को नीचे उतार लिया और कार के पीछे से आगे निकालने लगा।

इधर, कार चालक ने वापस कार को पीछे लिया तो वह ट्रक की चपेट में आ गया। इधर, कार में पीछे की सीट में बैठी मैना देवी ने जब टक्कर के बाद ट्रक को कार पर पलटते देखा तो कार का फाटक खोल उसने अपने पीछे की सीट पर बैठे तीनों बच्चों को धक्का मार दिया। इस कारण तीनों बच्चे कार के बाहर जा गिरे। लेकिन, कार पर ट्रक पलट जाने से वे तीनों उसके नीचे दब गए। ब्रेक लगाने पर ट्रक में भरे भारी भरकम कट्टे पेड़ भी कार पर आ गिरे।

हादसा देख सडक़ से गुजर रहे वाहन चालक भी दंग रह गए। उन्होंने ग्रामीण व पुलिस की मदद से कार में फंसे शवों को बाहर खींचकर निकाला और मिट्टी में सने तीनों मासुम बच्चों को अस्पताल भिजवा दिया। इनमें एक 11 साल की हिमांशी के हल्की चोट लगने पर थोड़ी देर उसे अस्पताल में रखा गया। इसके बाद परिजनों के साथ उसको भी घर भिजवा दिया गया।


मौत का भरोसा नहीं मामा


मैना के मामा गोविंद का कहना था कि तिये की बैठक के दौरान मैना ने उससे कहा भी था कि मामा मौत का कोई भरोसा नहीं। कभी भी आ सकती है। इसलिए नाना की मौत पर बैठने आई हूं। पता नहीं अब कब यहां आना हो। लेकिन, गोविंद को क्या पता था कि एक घंटे बाद ही उसकी भांजी की बात सच साबित हो जाएगी और जीवन फिर कभी उससे मिलना नहीं होगा।


व्यापारी था सुरेंद्र


सुरेंद्र के ताऊ सुरजमल ने बताया कि वे सेवदड़ा गांव के रहने वाले हैं। लेकिन, राजसमंद में उनका मार्बल का कारोबार है। इसलिए परिवार के लोग वहां भी रहते हैं। गुरुवार सुबह सुरेंद्र का पिता भगवानाराम व वह दूसरी कार में पुरोहितजी की ढाणी पहुंचे थे। जबकि सुरेंद्र व उसकी पत्नी मैना चालक रामचंद्र के साथ कार में अलग से आए थे। सुरेंद्र तीन बहन भाइयों में सबसे बड़ा था।

मैना का ससुराल भी धोद में है। हालांकि सुरेंद्र और बहू मैना के खत्म हो जाने के बाद तीनों बच्चे माता-पिता के साएं से अनाथ हो गए हैं। सुरजमल ने ही ट्रक चालक के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाकर कार के टक्कर मारने की रिपोर्ट उद्योग नगर थाने में दर्ज कराई है। हालांकि पलटी खाने के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया था।


परिवार को नहीं था पता


तिये की बैठक में शामिल होने के लिए और भी कई रिश्तेदार आए हुए थे। उनका कहना था कि हादसे के बाद वे लोग इधर, उधर घूम रहे थे। लेकिन, उन्हें क्या पता था कि मरने वालों में उन्हीं के परिवार के लोग शामिल हैं। जबकि वे लोग ना जाने कितनी बार सडक़ हादसे के पास से होकर गुजरे थे। हालांकि इसके पता लगा लगने पर सारे रिश्तेदार घटना स्थल पर एकत्रित हो गए और इसके बाद अस्पताल पहुंचे। घटना की सूचना पर कांग्रेसी नेता परशराम मोरदिया सहित पुलिस अधिकारी भी अस्पताल में जमा हो गए थे।

जेसीबी हो गई फेल
घटना के बाद कार पर पलटे ट्रक को उठाने के लिए जेसीबी को बुलाया गया था। लेकिन, ट्रक भारी भरकम लकडिय़ों से भरा होने के कारण सीधा खड़ा नहीं हुआ और कार में बैठा रामचंद्र, सुरेंद्र व मैना उसके नीचे घायल अवस्था में दबे रहे। सिर में चोट और दम घुटने से उनकी मौत हो गई। इसके बाद दो क्रेन पुलिस द्वारा और मौके पर बुलाई गई। तीनों ने मिलकर मुश्किल से ट्रक को सीधा किया। इधर, एक बारगी तो ट्रक को उठाने के चक्कर में क्रेन भी खड़ी हो गई थी। इसके बाद वजन बढ़ाने के लिए भीड़ को क्रेन के पीछे खड़ा करना पड़ा।
वाहनों की लगी कतारें
उद्योग नगर थाना अधिकारी राममनोहर ने बताया कि ट्रक चालक ने कार को बचाने की काफी कोशिश की। ब्रेक लगाने के बाद ट्रक वापस पीछे की तरफ घूम कर कार पर पलट गया था। हादसे के बाद दोनों वाहन सडक़ पर होने से जाम लग गया। पुलिस की मदद से जाम में फंसे वाहनों को निकाला गया। मुकदमा दर्ज होने के बाद ट्रक चालक की तलाश की जा रही है।
छह मरने की
आई सूचना
घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक साथ छह जनों की सडक़ हादसे में मौत होने व कइयों के घायल होने की सूचना वायरल हो गई थी। इससे एसके अस्पताल में लोगों की भीड़ जमा हो गई और अफरा-तफरी का माहौल हो गया। मृतकों की सूचना पाकर परिजन भी अस्पताल में बिलख पड़े थे।