
Video: बारिश व ओलावृष्टि से फिर फसल हुई खराब
नीमकाथाना. पिछले दिनों सर्दी व ओलावृष्टि से 61 हजार से ज्यादा कृषकों की करीब 14 हजार हेक्टेयर के पार फसलों में खराबा हुआ है। इनमें सबसे ज्यादा सरसों, गेहूं, तारमीरा, जौ व सब्जी की फसल शामिल है। खराब हुई फसलों की तहसीलदारों ने गिरदावरी रिपोर्ट तैयार करवा कर उच्च अधिकारियों तक भिजवाई गई है। इस रिपोर्ट में खराब हुई फसलों के खुलासे की कृषकों की भरपाई नहीं हुई है अब बची हुई तैयार फसल फिर बारिश में खराब हो रही है।
क्षेत्र में बारिश का दौर बीती रात शुक्रवार शाम तक जारी रहा। इस दौरान सुबह एकबारगी बारिश रुकी थी, लेकिन दोपहर बाद फिर बारिश झमाझम शुरू हो गई। शाम को हुई बारसात के दौरान क्षेत्र के कई इलाकों में ओले भी गिरे। इससे खेत में खड़ी किसानों की तैयार फसल खराब हो गई। इधर, बारिश के दौरान शहर की सड़के भी दरिया बन गई। निचले इलाके में लोगों के घरों में पानी भर गया। हालांकि इस बार सड़क बनने से कॉलेज के सामने पानी नहीं भरा।
टोडा. क्षेत्र में शुक्रवार को दूसरे दिन मौसम का रंग बदला हुआ नजर आया। अलसुबह करीब छह बजे बूंदाबांदी हुई। इसके बाद आसमान में बादल छाए रहे। शाम करीब चार बजे बूंदाबांदी हुई। इसके बाद करीब आधे घंटे तक झमाझमा बारिश हुई। इससे सड़कों पर पानी बहने लगा। खेतों में बारिश का पानी लबालब भर गया। खेतों में कटी गेहूं व जौ की फसल पानी में तैरने लगी।
डाबला. क्षेत्र में शुक्रवार को हुई बारिश से फसल खराब हो गई। ग्राम रूपावास, लाखाकीनांगल, श्यामपुरा, डाबला, कंवराकानांगल, जीलो, श्यामपुरा आदि के किसानों ने बताया कि गेहूं की फसल खेतों में भीगने गई। लाखाकीनांगल के किसान गोपाल सैनी, मावंडा के गोवर्धन सैनी, कंवराकानांगल के राजपाल सिंह, डाबला के लालाराम यादव आदि ने बताया कि सरसों की फसल को सर्दी ने चौपट कर दिया था और चने व गेहूं की फसल को बेमौसमी बारिश ने खराब कर दिया है ।
किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।
Published on:
01 Apr 2023 10:04 am

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