
Special: पेड़ों की कटाई से तापमान में बढ़ोतरी संभव
नीमकाथाना. शहर के विकास को लेकर वर्षों पुराने पेड़ों को काटा जा रहा है, लेकिन वह यह नहीं सोच रहे है कि पर्यावरण कटाई का शहर पर कितना गलत असर पड़ेगा। करोड़ों रुपए का अनमोल ऑक्सीजन इन पेड़ों की वजह से शहर को मिल रहा है और पेड़ ही पर्यावरण को संतुलित करते हैं। खेतड़ी मोड़ से छावनी तक वर्षों पुराने इन पेड़ों के नीचे गर्मी के दिनों में लोग अपने हल्क तर कर लेते थे, लेकिन आज यह रोड बिना पेड़ों के वीरान नजर आ रही है। हालांकि पेड़ों को काटने से रोड चौड़ी जरूर हुई है। पेड़ों की कटाई के कारण लोगों को शुद्ध हवा तक नहीं मिलती है, जिस कारण से आने वाले समय में प्रदूषण का लेवल खतरनाक स्तर तक पहुंचने की पूरी आशंका है। एक मानव को प्रति घंटे 50 मिलीलीटर ऑक्सीजन की जरूरत होती है। ऐसे में जितने हरे पेड़ होंगे, उतनी ही ऑक्सीजन की मात्रा अधिक रहेगी। जानकारी के अनुसार हाउस प्लांट का पत्ता हर 5 घंटे में 5 मिलीलीटर ऑक्सीजन का उत्पादन करता है।पेड़ों की कटाई के कारण लगातार प्रदूषण, स्मोग, गर्मी, उमस, मानसून नहीं आना जैसी समस्याएं रहती है।
वीरान नजर आ रहा भूदोली बांध
किसी जमाने में थोड़ी बरसात होते ही भूदोली के बांध में पानी आया करता था, लेकिन वर्तमान में रास्ते में जगह-जगह अतिक्रमण व एनिकट बनने ने बांध वीरान नजर आ रहा है। बांध में पानी होने से लोग गर्मी के दिनों में शाम को चहल कदमी करने आ जाते थे। प्रशासन अगर रूची लेकर बांधा तक आने वाले रास्ते से अतिक्रम हटवाएं तो शायद कम बारिश में भी पानी बांध तक पहुंच सकता है। ऐसी ही हालत सीकर जिला के सबसे बड़े बांध रायपुर की है। यहां भी नदी में जगह-जगह अतिक्रमण होने बारिश का पानी बांध तक नहीं पहुंच पा रहा है।
Published on:
22 Apr 2023 09:48 pm

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