
सीकर . बच्चे, परिवारजन और मिलने वाले...। सब फोन करते रहे। किसी ने घर आकर नहीं देखा। पड़ोसियों को दुर्गंध आने पर पुलिस पहुंची तो पता चला कि उसकी तो चार दिन पहले ही मौत हो चुकी है। यह दर्दनाक वाक्या रविवार को शहर के नाला का बास में सामने आया। मौत का शिकार सत्यदेव शर्मा (65) मूलत: उत्तरप्रदेश का रहने वाला था। वह यहां अपने ससुराल में विक्षिप्त के साथ अकेले रहता था। सुबह उसका शव मकान की प्रथम मंजिल पर बने कमरे में पाया गया।
पड़ोसियों ने खिलाया खाना
सत्यदेव स्वयं ही खाना बनाकर अपने मानसिक बीमार सोमेश को खिलाता था। सत्यदेव के दिखाई नहीं देने पर पड़ोसियों को लगा कि वह कहीं बाहर चला गया है। ऐसे में उन्होंने सोमेश की तो देखभाल शुरू की। एएसआई जयप्रकाश सिंह ने बताया कि सत्यदेव का शव करीब चार दिन पुराना होने से डीकंपोज होना शुरू हो गया था। छत का रास्ता अंदर से बंद था।
पैर के नीचे पड़ा था मोबाइल
मौके पर पहुंची पुलिस ने उसके नंबर पर कॉल किया तो मोबाइल उसके पैर के नीचे पाया गया। बाद में पुलिस ने मोबाइल की जांच की तो उसमें 65 मिस्ड कॉल पाए गए। एएसआई जयप्रकाश सिंह ने बाद में मोबाइल से उसकी बेटी को सूचना दी तो वह सीकर में ही थी।
परिवार के लोगों के आने पर शव को कल्याण अस्पताल में रखवाया गया। इस सम्बंध में सत्यदेव के बेटे से बात की गई तो उसने अपना नाम बताने से इनकार कर दिया। साथ ही कहा कि मौत का उन्हें भी दुख है। वे उत्तरप्रदेश में रहते हैं। पिता को भी वहां ले जाने के काफी प्रयास किए, लेकिन वो यहां से जाने के लिए तैयार नहीं थे।
पुलिस हार्ट अटैक से मान रही मौत
प्रारंभिक जांच में पुलिस मौत का कारण हार्टअटैक मान रही है। साथ ही परिवार में वृद्ध जनों के प्रति बढ़ रही बेरूखी भी सामने आई है। शहर कोतवाल सुनील गुप्ता ने बताया कि सत्यदेव शर्मा की दो शादियां हुई थी।
उनकी दो लड़कियां और तीन लडक़े समेत पांच बच्चे हैं। एक बेटी को मां की मौत के बाद अनुकम्पा नियुक्ति मिल गई। लेकिन सत्यदेव अपने ससुराल के मकान में ही रहता था। उसके साथ उसका मानसिक बीमार **** ही रहता था।
Published on:
21 Aug 2017 12:24 pm
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