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राजस्थान चुनाव 2023: पिछली बार वोट नहीं देने वाले प्रवासियों से संपर्क करेंगे चुनाव कर्मी

Rajasthan Election 2023 : चुनाव में मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए इस बार निर्वाचन आयोग नवाचार की राह पर है। आयोग ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में ऐसे बूथों को तलाशा है, जहां पिछले विधानसभा चुनाव में मतदान कम हुआ था।

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सीकर

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Nupur Sharma

Oct 26, 2023

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Rajasthan Assembly Election 2023 : चुनाव में मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए इस बार निर्वाचन आयोग नवाचार की राह पर है। आयोग ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में ऐसे बूथों को तलाशा है, जहां पिछले विधानसभा चुनाव में मतदान कम हुआ था। आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों के माध्यम से पड़ताल कराई तो अलग-अलग क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत कम रहने की अलग-अलग वजह सामने आई। कई क्षेत्रों में प्रवासी मतदाताओं की सहभागिता कम रही, तो कुछ क्षेत्रों में जागरुकता की कमी रही। ऐसे में आयोग चुनाव पाठशाला से लेकर बूथ संपर्क समूहों से मतदाताओं को वोट की ताकत बताने में जुटा है। आयोग की ओर से ऐसे बूथों पर काम किया जा रहा है जहां राज्य के औसत मतदान प्रतिशत से कम मतदान और दूसरा ऐसे बूथ जहां 65 फीसदी से कम मतदान हुआ था।

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सीकर जिले में वर्ष 2018 के चुनाव में 1172 बूथों पर राज्य के औसत मतदान से कम वोटिंग हुई थी। वहीं, 199 बूथों पर 65 फीसदी से कम मतदान हुआ था। इन बूथों पर मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए तीन अभियानों के जरिए लगतार प्रयास किए जा रहे हैं।

पाली: कम मतदान वाले बूथों पर फोकस
यहां पिछले विधानसभा चुनाव में कुल 1729 मतदान केंद्रों में से 1506 में मतदान कम था। इसकी बड़ी वजह प्रवासी राजस्थानियों की मतदान में कम रुचि लेना रहा। इस बार इसी पर ज्यादा फोकस है।

बाड़मेर: 115 केन्द्रों पर 65% से कम मतदान
निर्वाचन विभाग ने कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों को चिन्हित कर लिया है। आयोग ने अलग-अलग बूथ की कुण्डली भी बना ली है। यहां 115 बूथ ऐसे थे, जहां 65 फीसदी से कम मतदान हुआ था।

चुनाव पाठशाला: रोजाना पढ़ाते पाठ, ऐसे जुड़ेगा नाम
मतदाता सूची में अब तक नाम नहीं जुड़वाने वाले मतदाताओं को रोजाना चुनावी पाठशाला में स्वीप सहित अन्य गतिविधियों के जरिए नाम जुड़वाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। वहीं, आयोग के ऐप में दी गई सुविधाओं के बारे में भी बताया जा रहा है।

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बूथ सम्पर्क समूह: 22 विभागों के कर्मचारी करेंगे सम्पर्क
चुनाव आयोग की ओर से इस बार प्रदेश में बूथों के हिसाब से बूथ संपर्क समूहों का गठन किया गया है। इसमें 22 से अधिक विभागों के कर्मचारी शामिल किए गए हैं। ये कर्मचारी पिछले चुनाव में मतदान नहीं करने वाले मतदाताओं से सम्पर्क करने में जुटे हैं।

पत्रिका ने चलाया जागरूकता अभियान: प्रवासियों का मतदान प्रतिशत बढ़ाने के पत्रिका ने ‘कर्मवीरों, मतदान के लिए बुला रही मातृभूमि’ नाम से अभियान शुरू किया है। इसमें प्रवासियों को मतदान के लिए प्रेरित किया जा रहा है।