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father’s day 2018 : कैंसर रोग होने के बाद नहीं आती थी रात भर नींद , बेटी ने नहीं टूटने दी पिता की हिम्मत

सकारात्मक सोच व हिम्मत मनुष्य को आगे बढऩे की प्रेरणा देते हैं। इसके दम पर वह बड़े से बड़े संकट का हल निकाल सकते हैं।

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father's day special

father's day 2018 : कैंसर रोग होने के बाद नहीं आती थी रात भर नींद , बेटी ने नहीं टूटने दी पिता की हिम्मत

नवलगढ़. सकारात्मक सोच व हिम्मत मनुष्य को आगे बढऩे की प्रेरणा देते हैं। इसके दम पर वह बड़े से बड़े संकट का हल निकाल सकते हैं।अपनी इसी हिम्मत व सकारात्मक सोच से अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी उम्मेदसिंह महला ने भी कैंसर जैसे रोग को हरा दिया।एबीइइओ महला करीब तीन वर्ष पूर्व जब गांव बाय में राजकीय स्कूल में व्याख्याता के पद पर कार्यरत थे उस समय उन्हें कैंसर रोग हुआ था। महला ने बताया कि उस समय उनको टेस्टी में कुछ समस्या थी। उन्होंने परिवार के साथ जयपुर में घूमने व जांच करने का कार्यक्रम बनाया। जयपुर पहुंचने पर पत्नी कांता महला के कहने पर उन्होंने जांच करवाई। जांच में कैंसर रोग होने की पुष्टी हो गई।

बाद में महला जांच रिपोर्ट को लेकर एसएमएस अस्पताल पहुंचे तो चिकित्सक ने कैंसर बताते हुए ऑपरेशन करने की सलाह दी। परिजनों ने महला की हिम्मत नहीं टूटने दी और अच्छे से अच्छे चिकित्सक को दिखाने का हौसला देते रहे। महला ने बाद में वेेदांता में जांच करवाई। जहां पर ऑपरेशन के बाद अपनी हिम्मत से कैंसर को मात दी।


बेटी ने नहीं टूटने दी पिता की हिम्मत
महला ने बताया कि कैंसर रोग होने के बाद उन्हें रात भर नींद नहीं आती थी। हर समय अजीब सी चिंता रहने लगी। हिम्मत भी टूटने लगी, लेकिन पिता पोकरमल व बेटी मेघा महला ने हिम्मत नहीं टूटने दी। साथ ही परिवार के सदस्यों व मिलने वालों की सकारात्मक सोच ने हौसला बढ़ाया तथा नई ऊर्जा दी।


ध्यान हटाने के लिए किया कंप्यूटर कोर्स
महला ने बताया कि अजीब से चिंता व घबराहट से ध्यान हटाने के लिए कंप्यूटर कोर्स करने का फैसला किया। उन्होंने पत्नी कांता व बेटी मेघा के साथ आरएससीआईटी कोर्स किया। उस समय उनकी बेटी मेघा महज नौ वर्ष की थी।


सकारात्मक सोच जरूरी
उन्होंने ने बताया कि किसी परेशानी या बीमारी से लडऩा हो तो सकारात्मक सोच जरूरी मत व सकारात्मक सोच से हर समस्या से निजात पाई जा सकती है।