12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Special News: हे भगवान! इस उम्र में बैंक के चक्कर…केवाईसी व एंट्री करवाने के लिए पंद्रह किलोमीटर का सफर

राजस्थान के नीमकाथाना जिला के टोडा गांव में स्थित पंजाब नेशनल बैंक में बुजुर्ग उपभोक्ता करीब छह महीने से केवाईसी के नाम पर बैंक के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। हालत यह है कि करीब 15 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद भी ये उपभोक्ता निराश होकर लौट रहे हैं।

2 min read
Google source verification

सीकर

image

Mukesh Kumawat

Mar 07, 2024

Special News: हे भगवान! इस उम्र में बैंक के चक्कर...केवाईसी व एंट्री करवाने के लिए पंद्रह किलोमीटर का सफर

Special News: हे भगवान! इस उम्र में बैंक के चक्कर...केवाईसी व एंट्री करवाने के लिए पंद्रह किलोमीटर का सफर

नीमकाथाना/टोडा. पंजाब नेशनल बैंक टोडा के बुजुर्ग उपभोक्ता करीब छह महीने से केवाईसी के नाम पर बैंक के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। हालत यह है कि करीब 15 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद भी ये उपभोक्ता निराश होकर लौट रहे हैं।

बुजुर्ग खाताधारक सुबह अपना काम छोड़कर केवाईसी व पासबुक में एंट्री के लिए बैंक पहुंच जाते हैं। सुबह से शाम तक बैंक में भूखे-प्यासे बैठे रहने के बाद भी ना तो केवाईसी हो रही है और ना ही बैंक पास में एन्ट्री। यह सिलसिला करीब छह माह से जारी है। बैंक में बुजुर्गों को किन परेशानी से गुजरना पड़ रहा है इसकी परवाह किसी को नहीं है। कई गांव व ढाणियों से टोडा में स्थित बैंक पहुंचने के लिए बस सुविधा तक नहीं है। ऐसे में कई बुजुर्ग खाताधारकों को तो पैदल सफर करना पड़ रहा है। बुजुर्ग केवाईसी व पासबुक में एंट्री करवाने के लिए जैसे ही बैंक में पहुंचते है तो उनको स्टाफ की कमी व सर्वर डाउन होने की बात कहकर टरका दिया जाता है। यह सुनते ही बुजुर्ग खाताधारकों के सामने समस्या हो जाती है। इसके बाद भी बुजुर्ग उपभोक्ताओं की पीड़ा समझने वाला कोई नहीं है।

दस से पंद्रह किलोमीटर का सफर

बुजुर्ग खाताधारक सहित अन्य उपभोक्ता रोज दस से पंद्रह किलोमीटर का सफर कर रहे है। सफर तय करने के बावजूद भी बैंक में ना तो केवाईसी हो रही है और ना ही पास में एन्ट्री। ऐसे में बुजुर्ग परेशान होते नजर आते है। उपभोक्ताओं का कहना है कि पांच-छह माह से केवाईसी, पासबुक में एंट्री, केवाईसी तथा अन्य कामों के लिए बैंक के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन काम नहीं होने की वजह से परेशान हो रहे हैं।

सर्वरडाउन की भी है समस्याबैंक में आए दिन सर्वर डाउन हो रहा है। दूरदराज से आने वाले वृद्धजन दिनभर भूखे प्यासे बैंक के सामने बैठे रहते है। करीब 15 किलोमीटर का पैदल सफर करने के बाद भी जब पूरे दिन तक उनका काम नहीं होता है तो निराश लौट जाते है। ऐसे में वृद्ध खाताधारकों को काफी परेशानी होती है। कई बार तो इन बुर्जुग खाताधारकों की शाम होते-होते हालत खराब होऩे लग जाती है।

उपभोक्ताओं की पीड़ा

खाते को आधार से जोड़ने के लिए काफी बार बैंक आ चुका हूं, लेकिन खाते को आधार से नहीं जोड़ा जा रहा है। स्टाफ की कमी बताकर वापस भेज दिया जाता है।

मदन मीणा, दीपावास, 62 वर्ष

15 किलोमीटर का सफर करने के बाद बैंक खाता आधार से नहीं जुड़ रहा है। पैदल सफर करके जैसे तैसे बैंक पहुंचते हैं। इसके बाद भी केवाईसी नहीं हो रही है।

अनोखी देवी, नानगवास, 61 वर्ष

पिछले कई दिनों से केवाईसी करवाने के लिए बैंक के चक्कर लगा रही हूं। लेकिन, केवाईसी नहीं हो रही है। हर बार करीब 10 किलोमीटर का सफर करती हूं। बैंक आने के लिए बस की सुविधा तक भी नहीं है। बैंक खाते से आधार कार्ड नहीं जुड़ा होने से परेशानी हो रही है।

शांति देवी, बूजीवाला, 61 वषर्

इनका कहना है

बैंक में स्टाफ की कमी की वजह से केवाईसी सहित पासबुक में एन्ट्री जैसे काम नहीं हो रहे है। स्टाफ की कमी होने के बारे में उच्चाधिकारियों को कई बार अवगत करवा चुके है। लेकिन, स्टाफ उपलब्ध नहीं हो रहा है। अब सर्वर डाउन होना भी परेशानी बनने लगी है। उच्चाधिकारियों को सूचित कर चुके, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

उमेश कुमार शर्मा, प्रबंधक, पीएनबी टोडा