
जेल से बाहर आते ही इस बड़े अपराधी पर दागी ताबड़तोड़ गोलियां, फिल्मी स्टाइल में घटी पूरी वारदात
पलसाना.
firing on criminal in Sikar : हमले के मामले में जमानत पर छूटकर घर जा रहे अपराधी पर दूसरे पक्ष ने गाड़ी का पीछा कर गोलियां दागी। इस दौरान दो बार गाड़ी के टक्कर भी मारी गई। गोली लगने से गाड़ी में सवार एक युवक घायल हो गया। उसे यहां कल्याण अस्पताल लाया गया, जहां से जयपुर रैफर कर दिया गया। हमलावरों की तलाश के लिए पुलिस ने सीकर जिले के साथ जयपुर व आसपास के जिलों में भी नाकाबंदी करवा रखी है, लेकिन अभी तक उनका कोई सुराग नहीं लगा है। लोगों का कहना है कि हमलावरों ने फिल्मी अंदाज में दो किलोमीटर तक गाड़ी का पीछा किया। इस दौरान वे गोलियां भी दागते रहे। इनमें से चार फायर गाड़ी पर भी लगे हैं।
आठ दिन पहले किया था दांतले से हमला
नांगल निवासी महेन्द्र कुमार ने आठ दिन पहले नांगल गांव में अपने ननिहाल में रह रहे ओमप्रकाश उर्फ ओपी पर दांतले से हमला कर दिया था। हमले में ओमप्रकाश घायल हो गया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपित महेन्द्र को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था। महेन्द्र शुक्रवार शाम को ही जेल से जमानत पर छूट कर आया था। वह गाड़ी में सवार होकर परिवार के लोगों के साथ घर जा रहा था। त्रिलोकपुरा के पास ओमप्रकाश अपने तीन चार साथियों के कैम्पर गाड़ी में सवार होकर उसका इंतजार कर रहा था।
पहले मारी गाड़ी से टक्कर, फिर दागी गोली
महेन्द्र की गाड़ी जैसे ही त्रिलोकपुरा के पास आई तो ओमप्रकाश ने अपनी कैम्पर गाड़ी से महेन्द्र की गाड़ी को टक्कर मार दी। फिर गाड़ी का पीछा शुरू कर दिया इस दौरान फायरिंग की गई। फायरिंग के दौरान गोली महेन्द्र को तो नही लगी, लेकिन गाड़ी में सवार रामनिवास के हाथ में एक गोली लग गई। बाद में चालक गाड़ी को तेज गति से थाने तक भगा लाया। ओमप्रकाश ने थाने के सामने भी महेन्द्र की गाड़ी को अपनी गाड़ी से टक्कर मारी, लेकिन वो थाने की तरफ आ गए तो ओमप्रकाश व उसके साथी गाड़ी लेकर अखैपुरा टोल की तरफ भाग गए। घटना के बाद सीओ ग्रामीण कमलसिंह चौहान भी मौके पर पहुंचे और घटना को लेकर जानकारी जुटाई है। वहीं थानाधिकारी पवन चौबे के अलावा श्रीमाधोपुर पुलिस भी आरोपितों की तलाश में जुटी हुई है।
आपसी रंजिश का है मामला
महेन्द्र और ओमप्रकाश पहले साथी थे, लेकिन रुपए के लेनदेन को लेकर दोनों में विवाद हो गया। इसी के चलते महेन्द्र ने ओमप्रकाश पर हमला किया था। महेन्द्र की जमानत होने की सूचना ओमप्रकाश को थी। ऐसे में वो अपने साथियों के साथ त्रिलोकपुरा में महेन्द्र के आने का इंतजार कर रहा था। फायरिंग होते देख गाड़ी में सवार लोग नीचे झुक गए।
ओमप्रकाश पर कई मामले दर्ज है
ओमप्रकाश श्रीमाधोपुर थाना इलाके के ढाल्यास गांव के सामोता की ढाणी का है। लेकिन ज्यादातर अपने ननिहाल नांगल में ही रहता है। ओमप्रकाश पर लूट, मारपीट के कई मामले दर्ज है। पिछले दिनों जयपुर में गोल्ड लूट ( Gold Loot ) के एक मामले में भी वो आरोपित था और हाल ही में जमानत पर छूटकर जेल से बाहर आया था।
पुलिस से मांगी थी मदद
महेन्द्र ने बताया कि उसके पहले से ही किसी अनहोनी की आशंका थी। ऐसे में उसने पुलिस को पहले ही आगाह कर दिया था। उघोग नगर थाना पुलिस महेन्द्र को जेल से छूटने के बाद रानोली थाना बोर्डर तक छोडक़र गई थी। इसके बाद महेन्द्र ने रानोली पुलिस से मदद मांगी, लेकिन पुलिस ने उसे थाने में आकर प्रार्थना पत्र देने की बात कही। इस पर वो थाने ही जा रहे थे। लेकिन इससे पहले ही ओमप्रकाश व उसके साथियों ने फायरिंग शुरू कर दी।
Updated on:
29 Jun 2019 04:10 pm
Published on:
29 Jun 2019 11:14 am

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