हाड़तोड मेहनत से अन्न उपजाकर जनता का पेट भरने वाले अन्नदाता एक बार आंदोलन पर उतर आए हैं। जिले भर के किसानों ने एकजुट होकर सैंकड़ों ट्रेक्टर मार्च निकाल कर सरकार को अपनी पीड़ा जताई। कृषि उपज मंडी से रवाना होकर बस डिपो तिराहा, अंबेडकर सर्किल, सिटी डिस्पेंसरी नम्बर दो, अजमेर स्टैंड, सूरजपोल गेट से जाट बाजार व कल्याण सर्किल होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। जिससे शहर में सैंकड़ों ट्रैक्टर्स की करीब चार किलोमीटर लंबी कतार लग गई। किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान पूरा शहर किसानों के नारों से गूंज उठा।
हाड़तोड मेहनत से अन्न उपजाकर जनता का पेट भरने वाले अन्नदाता एक बार आंदोलन पर उतर आए हैं। जिले भर के किसानों ने एकजुट होकर सैंकड़ों ट्रेक्टर मार्च निकाल कर सरकार को अपनी पीड़ा जताई। कृषि उपज मंडी से रवाना होकर बस डिपो तिराहा, अंबेडकर सर्किल, सिटी डिस्पेंसरी नम्बर दो, अजमेर स्टैंड, सूरजपोल गेट से जाट बाजार व कल्याण सर्किल होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। जिससे शहर में सैंकड़ों ट्रैक्टर्स की करीब चार किलोमीटर लंबी कतार लग गई। किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान पूरा शहर किसानों के नारों से गूंज उठा।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए। शहर के मुख्य मार्गों से निकली रैली के चलते पूरे शहर में जाम भी लग गया।
करीब एक घंटे तक वाहन रैंग- रैंगकर चलते रहे। ट्रेक्टर मार्च के समापन के बाद ही शहर की यातायात व्यवस्था सुचारू हो सकी। कलेक्ट्रेट पर सभा कर प्रदर्शनकारियों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी सहित लंबित मांगों को लेकर राष्ट्रपति और पाले से नष्ट हुई फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
ट्रेलर है ट्रैक्टर रैली
किसान नेता अमराराम व पेमाराम ने बताया कि तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन के समय केंद्र सरकार ने एमएसपी की गारंटी व किसानों के मुकदमे वापस लेने सहित कई मुद्दों पर समझौता किया था, लेकिन उस दिशा में एक कदम भी आगे नहीं बढ़ाया। इधर, पाले की वजह से राज्य में फसलें भी खराब हुई है। जिसकी गिरदावरी भी सही ढंग से नहीं की जा रही। ऐसे में किसानों में केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ आक्रोश है। लिहाजा दोनों सरकारों को चेताने के लिए किसानों ने आंदोलन के ट्रेलर के रूप में ट्रैक्टर रैली निकाली है। चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार अपने समझौते पर जल्द अमल व राज्य सरकार फसल खराबे का उचित मुआवजा नहीं देगी, तो किसान बड़ा आंदोलन करेंगे।