सीकर. जिले के धोद थाना इलाके में शादी में आई 14 वर्षीय नाबालिग के साथ सामूहिक बलात्कार के मामले में पुलिस ने दो अन्य आरोपियों को भी 10 दिन में ही गिरफ्तार कर लिया है।
सीकर. जिले के धोद थाना इलाके में शादी में आई 14 वर्षीय नाबालिग के साथ सामूहिक बलात्कार के मामले में पुलिस ने दो अन्य आरोपियों को भी 10 दिन में ही गिरफ्तार कर लिया है। एसपी करण शर्मा ने प्रेसवार्ता में बताया कि आरोपी जयपुर का मुहाना मंडी थाना इलाके की कच्ची बस्ती निवासी मान्या उर्फ मान सिंह बिदावत पुत्र बाबुलाल सांसी (32) तथा जयसिंहपुरा खोर निवासी टिम्मा उर्फ मुकेश कुमार पुत्र नेनूराम सांसी है। टिम्मा को सूरत, गुजरात तथा मान्या को दिल्ली से बापर्दा गिरफ्तार किया गया है। एसपी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ चालान पेश कर ऑफिसर स्कीम में मामले को जल्द निस्तारित करवाया जाएगा। गौरतलब है कि 9 फरवरी को मौसी की बेटी की शादी में आई नाबालिग ने रिपोर्ट दी थी कि रात 10-11 बजे टेंट के पास बिस्तर पकड़ाते समय तीन बदमाश उसका गाड़ी में अपहरण कर ले गए थे। कुछ दूरी पर ले जाकर उनमें से दो बदमाशों ने उसके साथ बलात्कार किया। इनमें से मुख्य आरोपी जयपुर के मुहाना मंडी थाना इलाके की कच्ची बस्ती निवासी करण सांसी पुत्र जगदीश प्रसाद (22) को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया था। अब दूसरे आरोपी टिम्मा व वाहन चालक मान्या को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
गाड़ी नम्बर से पकड़े गए आरोपी
एसपी ने बताया कि आरोपियों को पकडऩे के लिए पुलिस की आठ सदस्यीय टीम का गठन किया गया था। आरोपियों की पहचान के लिए टीम ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज व शादी के वीडियो व फोटाग्राफी देखी तो उनमें आरोपी नहीं दिखेे। ऐसे में शादी में आए सभी वाहनों की सूची बनाने सहित उनके मोबाइल में लिए फोटो देखे गए। बाद में बीच बारात से वापस लौटे लोगों के वाहनों को चिन्हित कर सीसीटीवी फुटेज से मिलान करते हुए आरोपियों की पहचान की गई। जिन्हें जयपुर, दिल्ली व गुजरात से गिरफ्तार किया गया।
कांस्टेबल विकास की रही अहम भूमिका
आरोपियों को पकडऩे में धोद थाना कांस्टेबल की अहम भूमिका रही। धोद थानाधिकारी बाबूलाल मीणा ने बताया कि विकास ने तकनीकी मदद के साथ आरोपियों का पीछा करने के लिए गाड़ी भी चलाई। बकौल विकास कुमार आरोपियों का पीछा करते समय टीम ने डेढ दिन तक तो भोजन भी नहीं किया था।
बाहर रहने की फिराक में थे आरोपी
घटना के बाद आरोपी राजस्थान से बाहर रहने की फिराक में थे। इनमें से करण तो जूते पॉलिश कर दिल्ली में रहने की योजना बना रहा था, जबकि मान्या फेक्ट्री में काम करने के लिए बुआ के घर सूरत चला गया था। पुलिस ने घटना में काम ली गई गाड़ी का भी पता लगा लिया है।