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सरकारी अनदेखी से पर्यटन की जगह हादसों का पहाड़ बना हर्ष, पांच मौत, कई घायल

सीकर. सरकार की घोर अनदेखी से हर्ष की पहाड़ी पर पर्यटन की जगह खून के रंग बिखर रहे हैं।

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सीकर

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Sachin Mathur

Aug 02, 2021

सरकारी अनदेखी से पर्यटन की जगह हादसों का पहाड़ बना हर्ष, पांच मौत, कई घायल

सरकारी अनदेखी से पर्यटन की जगह हादसों का पहाड़ बना हर्ष, पांच मौत, कई घायल

सीकर. सरकार की घोर अनदेखी से हर्ष की पहाड़ी पर पर्यटन की जगह खून के रंग बिखर रहे हैं। वर्षों से रोप-वे, तालाब, कैंटीन व पैराग्लाइंडिंग सहित कई सब्जबाग दिखा चुकी सरकार हर्ष पर सड़क व सुरक्षा दीवार तक नहीं बनवा पाई है। जिसकी वजह से पिछले दो साल में ही पहाड़ी से गिरने पर पांच लोगों की मौत के साथ दर्जनों लोग घायल हो चुके हैं। लेकिन, शासन- प्रशासन है कि आंखे मूंदे बैठा है।

दो साल में हुए हादसे
1. 15 जून 2019 में घूमने आए चूरू निवासी छह जनों की कार हर्ष से वापस लौटते समय 600 फीट नीचे खाई में गिर गई थी। जिसमें दंपति सहित तीन जनों की मौत हो गई थी।

2. 23 अगस्त को 2019 को घूमने आए दो युवकों की कार अनियंत्रित होकर पलटते हुए 50 फीट नीचे एक पेड़ पर अटक गई। बड़ी मुश्किल से दोनों की जान बचाई जा सकी।

3. अगस्त 2020 में समर्थपुरा डूकिया गांव निवासी केशरदेवी अपने पोते को लेकर हर्ष पर्वत पर स्थित भैरूं मंदिर गई थी। वापस लौटते समय पैर फिसलने से गोद से गिरे पोते की मौत हो गई थी।

4. 27 जुलाई को पहाड़ी से पैदल उतर रहा खंडेला निवासी युवक फिसलने से खाई में गिर गया। ग्रामीणों ने लहुलुहान हालत में उसे अस्पताल में भर्ती करवाया।

अब ज्यादा खतरनाक हुआ घूमना
हर्ष पर घूमना अब ज्यादा खतरनाक हो गया है। क्योंकि सड़क टूटी होने की वजह से प्रशासन ने आंतरी गांव से हर्ष मंदिर तक करीब 9 किमी रास्ते में वाहनों की आवाजाही बंद कर दी है। ऐसे में लोगों को पैदल मंदिर जाना पड़ रहा है। अब चूंकि रास्ता लंबा होने की वजह से लोग छोटे रास्ते की तलाश में पहाड़ी का सीधा रास्ता अपना रहे हैं, जो बरसात में फिसलन से ज्यादा जोखिमभरा हो गया है।

नेताओं के दावों और वादों में उलझा विकास
लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंद सिंह डोटासरा ने शिक्षा व पर्यटन मंत्री बनने के बाद पहली बार सीकर पहुंचने पर हर्ष पर्वत को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का वादा किया था। पिछले साल अक्टूबर में सरकार की ओर से छह करोड़ का बजट जारी कर सड़क निर्माण के लिए छह करोड़ व डायवर्जन के लिए 50 लाख के बजट की घोषणा भी की थी। लेकिन, अब तक वह राशि धरातल पर नहीं पहुंच पाई है। ऐसे में जाहिर है कि वर्षों से हर्ष का विकास नेताओं के दावों और वादों में उलझा हुआ है।

रविवार को प्रदेशभर से पहुंचे पर्यटक, रास्ता बना रोड़ा
सुहाने मौसम के बीच रविवार को भी हर्ष पर पर्यटकों की भीड़ रही। प्रदेशभर से लोग हर्ष पर घूमने आए। लेकिन, हर्ष का रास्ता ही रोड़ा बन गया। वाहनों की आवाजाही पर रोक होने की वजह से बहुत से लोगों को निराश लौटना पड़ा, तो सैंकड़ों लोगों ने मजबूरन पथरीला पैदल रास्ता पकड़ा। जोखिम भरे रास्ते में लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। दूरदराज आए लोगों ने इस दौरान हर्ष पर सड़क के साथ पर्यटन विकास की मांग भी की।


ये बोले पर्यटक
हर्ष का रास्ता बेहद खराब है। जिसकी वजह से वाहनों को जाने नहीं दिया जा रहा। चढ़ाई ज्यादा व जोखिमभरी है। सरकार को जल्द नई सड़क बनवानी चाहिए।
अभिषेक गोड, सुरेरा, सीकर

सड़क जर्जर है।
शाकंभरी घूमने के बाद हर्ष घूमने आए थे। लेकिन, यहां बेरीगेट्स लगाकर रोका जा रहा है। एक पर्यटन स्थल पर सड़क नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है।
अयाज अहमद, सीकर

भरतपुर से हर्ष घूमने आए थे। सड़क खराब होने की जानकारी होती तो नहीं आते। इतने अच्छे पर्यटन स्थल पर सड़क नहीं होने पर पैदल जाना पड़ रहा है। सरकार को सड़क व सुरक्षा दीवार तो बनवानी चाहिए।
अरुण चौधरी, भरतपुर से घूमने आए पर्यटक

झुंझुनूं से हर्ष घूमने आने पर रास्ते में ही वाहन को रोक दिया गया। जिस पर्यटन स्थल को विकसित करना चाहिए वहां सड़क तक नहीं होना बहुत दुखद है। हर्ष को शेखावाटी का सबसे अच्छा पर्यटक स्थल बनाया जा सकता है।
अनवार खान, झुंझुनूं