
VIDEO: ध्यान नहीं दिया तो झेलनी पड़ेगी प्रकृति की मार
सीकर/श्रीमाधोपुर. विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस शुक्रवार को मनाया जाएगा। पर्यावरण को संरक्षित करने में बच्चे, युवा शक्ति व मातृ शक्ति के साथ साथ अब वरिष्ठ नागरिक और संत महंत भी आगे आ रहे हैं। ऐसे ही दो प्रकृति प्रेमी संत हैं, ग्राम नीमेड़ा स्थित चित्रकूट धाम आश्रम के संस्थापक महामंडलेश्वर ध्रुवदास महाराज व श्रीसीताराम बाबा बावड़ी आश्रम के श्रीमहंत ओमकार दास महाराज।
चित्रकूट धाम आश्रम के संस्थापक महामंडलेश्वर ध्रुवदास महाराज ने क्षेत्र में सैकड़ों पौधे लगाकर रविदत्त भारद्वाज, परमानंद सोनी, निरंजन सोनी, राजू बागवान, शंकर शर्मा पायलेट, मोहनलाल शर्मा रानीपुरा को पालने की जिम्मेदारी दी है।
महाराज ने कहा कि बड़े पैमाने पर पौधे लगाकर उन्हें पेड़ बनने तक जवाबदारी हर व्यक्ति उठाए और वर्षा जल को रैन वाटर हार्वेस्टिंग के माध्यम से जमीन में पहुंचाए तो बिगड़ते पर्यावरण को सुधारा जा सकता है। उन्होंने कहा कि हम पॉलीथिन का इस्तेमाल करने के इस हद तक आदी हो गए हैं कि हमें बाजारों से सामान लाने के लिए भी घर से कपड़े या जूट का थैला साथ लेकर जाने के बजाय पॉलीथिन में सामान लाना ज्यादा सुविधाजनक लगता हैं। गहराते जल संकट की बात है तो इसके लिए भी कहीं न कहीं हम स्वयं भी जिम्मेदार हैं। हमें अपनी इन गलत आदतों को बदलना होगा।
सीताराम बाबा बावड़ी आश्रम के श्रीमहंत ओमकार दास महाराज भारतीय संस्कृति बचाने व हिन्दू जागरण के अलावा पर्यावरण व प्रकृति संरक्षण पर काम कर रहे हैं। वे पेड़-पौधों और प्रकृति के बारे में लोगों को जागरूक भी करते हैं। महाराज ने क्षेत्र की आठ पंचायतों के 401 परिवारों के सहयोग से 2001 में पौधे लगाकर उनको पालने का बीड़ा उठाया है। महाराज गांव-गांव जाकर एक परिवार के सान्निध्य में फलदार, फूलदार व छायादार 5 पौधे लगाकर उनके सार संभाल की जिम्मेदारी दे रहे हैं। पेड़ों का पर्यावरण ही नहीं धार्मिक आधार पर भी महत्व है। अभियान में वरिष्ठ नागरिक बृजेन्द्र नायनकाजोशी, घनश्याम स्वामी, कन्हैयालाल चौरासिया, रामजीलाल शर्मा ढ़ाबावाली वाले, सतवीर सामोता, बाबूलाल कटारिया, श्रीराम सैनी प्रकृति संरक्षण की मुहीम में अपना योगदान दे रहे है। महाराज ने हर परिवार के लोगों से पांच-पांच पौधे लगाकर उनको पालने का आग्रह किया है।
Published on:
28 Jul 2023 09:32 pm

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