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राजस्थान में पढ़ेगी मावठ, 31 दिसंबर से फिर तेज सर्दी, पढ़ें पूरी खबर

राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में बढ़ा परिवर्तन देखने को मिल रहा है। शेखावाटी सहित कई जिलों में बादलवाही के चलते न्यूमतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। जबकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी का अलर्ट जारी किया गया है।

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Dec 29, 2022

राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में बढ़ा परिवर्तन देखने को मिल रहा है। शेखावाटी सहित कई जिलों में बादलवाही के चलते न्यूमतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। जबकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग की माने तो राजस्थान में 31 दिसंबर से मौसम फिर पलटा खाएगा और मावठ के साथ सर्दी का असर तेज होगा।

यहां हुई बूंदाबांदी
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से शेखावाटी में मौसम बदल गया है और बीती रात से बादलों ने डेरा जमा लिया। बादलाें के कारण सर्दी रुकने से जमाव बिन्दू पर ठहरा न्यूनतम तापमान 24 घंटे के भीतर ही साढ़े छह डिग्री बढ़ गया। मौसम विभाग के अनुसार 48 घंटे बाद विक्षोभ का असर खत्म होते ही सर्दी तेज हो जाएगी और सीकर, चूरू और झुंझुनूं सहित कई जिलों में शीतलहर चलेगी। न्यूनतम तापमान जमाव बिन्दू के आस-पास पहुंच जाएगा। सीकर में गुरुवार सुबह बादल छाए और मौसम बिगड़ गया। इस दौरान सीकर शहर सहित कई स्थानों पर मामूली बूंदाबांदी हुई। उत्तरी हवाएं थमने के कारण तेज सर्दी से जूझ रहे लोगों को धूप ने दोपहर में राहत दी। फतेहपुर कृषि अनुसंधान केन्द्र पर न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री और अधिकतम तापमान 26.5 डिग्री दर्ज किया गया। सीकर में न्यूनतम तापमान डिग्री 6 और अधिकतम तापमान 23 डिग्री रहा।

दो दिन बाद फिर शीतलहर
मौसम केन्द्र जयपुर के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कारण दो दिन तापमान में उतार-चढ़ाव रहेगा। 31 दिसम्बर से मौसम फिर करवट लेगा। इस दौरान अलवर, झुंझुनूं,सीकर, चूरू, हनुमानगढ़, नागौर, गंगानगर जिले में घना कोहरा छाएगा। दो जनवरी तक शीतलहर चलनेे के कारण तापमान में खासी गिरावट आएगी।


फसलों को होगा फायदा
पिछले दिनों तेज सर्दी के कारण रबी की फसलों की बढ़वार रुक गई थी। ऐसे में दिसंबर में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के कारण तापमान में आए उछाल से रबी की फसलाें की अच्छी बढ़वार होगी। वहीं पश्चिमी विक्षोभ के असर कई जगह बारिश के आसार हैं। जिससे सबसे ज्यादा फायदा सरसों व गेहूं की अगेती फसल में होगा।


सूखी सर्दी से मिलेगी निजात
मौसम में आए बदलाव को देखते हुए मावठ की संभावना प्रबल हो गई है। ऐसे में मावठ रबी की फसलों के लिए वरदान साबित होगी। इससे फसल अधिक बढ़ेगी जिससे बंपर उत्पादन होगा। किसानों का कहना है कि मावठ का फसलों को फायदा होगा। लेकिन बरसात के साथ ओले पड़ते हैं तो फसल को नुकसान होगा। फिलहाल वातावरण में नमी ज्यादा होने के कारण फसलों की सिंचाई कम करनी चाहिए।

Published on:
29 Dec 2022 05:59 pm
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