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मिलिए राजस्थान के ‘माचिस मैन’ से, जानिए श्यामसुंदर अग्रवाल को क्यों मिला यह नाम

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Meet Maachis Man Shyam sundar agarwal of sadulpur churu Rajasthan

Meet Maachis Man Shyam sundar agarwal of sadulpur churu Rajasthan

भंवरसिंह राजपूत/सादुलपुर (चूरू). इंसान के शौक भी निराले होते हैं। कोई प्रकृति से प्रेम करता है तो कोई जीव जंतुओं से लेकिन एक शख्स ऐसे हैं जो माचिस से प्रेम करते हैं। वर्तमान में उनके पास 30 हजार से अधिक माचिसों का संग्रह है। जो शायद किसी के पास नहीं मिलेगा।

ऐसा ही शौक पाल रखा है राजस्थान के चूरू जिले के सादुलपुर के शीतला बाजार में रहने वाले श्यामसुंदर अग्रवाल ने। अग्रवाल माचिसों का संग्रह करने के लिए करीब एक लाख रुपए खर्च कर चुके हैं। उनके संग्रह में तीस हजार से अधिक माचिस है। जो संभवत: राजस्थान में किसी के पास नहीं है। अग्रवाल ने बताया कि लक्ष्य पूरा होने के बाद ही पत्रिका को जानकारी दी है। लोग अग्रवाल को माचिस मैन के नाम से पुकारते हैं।

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खेल बन गया जुनून
अग्रवाल ने बताया कि बचपन में स्कूल से आने के बाद माचिस की ताश बनाकर दोस्तों के साथ खेला करते थे। यहीं से ऐसा जुनून सवार हुआ कि इनका संग्रह करना शुरू कर दिया है।

38 साल में उन्होंने 30 हजार माचिसों का संग्रह बना लिया। इसके लिए अग्रवाल को पुरस्कृत कर इनका नाम कोहिनूर वल्र्ड बुक में दर्ज किया गया है। उनका लक्ष्य गिनीज बुक में रिकॉर्ड दर्ज करवाना है।

ये हैं संग्रह
अग्रवाल के पास महाराजाओं, स्वतंत्रता सैनानियों, क्रिकेट खिलाडिय़ों, टेनिस फुटबाल, राजनेताओं, महापुरुषों, फिल्म अभिनेताओं, फूल-पौधे, देवी-देवताओं, राष्ट्रध्वज सहित लोहे की माचिस, चांदी की माचिस, वॉटर प्रूफ माचिस, एक फीट की माचिस, एक इंच की माचिस, प्लास्टिक माचिस सहित विश्व के अनेक देशों की माचिसों एवं वल्र्ड के होटल्स के नाम की माचिसों सहित हजारों माचिस का संग्रह है। अग्रवाल अपने घर के बने कमरे को एक संग्रहालय का रूप दे रखा है।

अब परिजन भी करते सहयोग
अग्रवाल के इस शौक को पूरा करने में परिजनों के अलावा मित्र शहनाज अहमद एवं प्रवीण सोनी ने भूमिका निभाई है। इनके पुत्र कमल ने पूरा साथ दिया है। नई माचिस का कलेक्शन खरीदने के लिए कई गुना कीमत देकर खरीदा है एवं जहां भी घूमने जाते हैं, उनका पहला लक्ष्य माचिस के संग्र्रह को ढंूढऩा होता है। इसके अलावा शहर के प्रवासी लोगों एवं विदेश में रहने वाले लोगों से लगातार संपर्क में रहकर अपना लक्ष्य पूरा किया है।

इनकी जुबानी है...
तीस हजार माचिस का संग्रह राजस्थान में भी नहीं है। क्योंकि माचिस का संग्रह करने वालों से वह संपर्क में भी हैं। गिनीज बुक में रिकॉर्ड दर्ज करवाने के लिए प्रयासरत हूं। - Maachis Man श्यामसुंदर अग्रवाल, सादुलपुर