
प्रदेश में समर्थन मूल्य पर दलहन और तिलहन की फसल बेचने वाले किसानों के लिए राहत की खबर है। किसानों को पंजीयन करवाते समय होने वाली परेशानी से बचाने के लिए डिजीटल गिरदावरी को भी मान्य कर दिया है। जिससे अब किसानों को गिरदावरी पर काउंटर साइन करवाने के लिए पटवारियों के चक्कर लगाने से निजात मिल जाएगी। हालांकि प्रदेश में जहां अब भी ऑनलाइन गिरदावरी नहीं मिल रही है वहां के किसानों को गिरदावरी के लिए पटवारियों के पास जाना पड़ेगा। गौरतलब है कि अभी पटवारियों के नहीं मिलने से किसानों को पटवारियों के पास जाकर गिरदावरी पर क्रमांक लेने होंगे। सीकर जिले में सरसों और चने की खरीद एक अप्रेल से शुरू है।
जिले में सरसों व चना की बिक्री के लिए किसानों को ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीयन करवाना होता है। पंजीयन के लिए जरूरी दस्तावेज मौजूदा गिरदावरी को अपलोड किया जाता है। जिसके लिए किसान को संबंधित पटवारी के पास जाना पड़ता है। इसके बाद पटवारी फीस लेकर क्रमांक नम्बर कर काउंटर साइन करता है। नए प्रावधान से किसानों को क्रमांक पी के लिए शुल्क देना होगा और न ही पटवारियों के पास जाना पड़ेगा।
पिछले दिनों प्रदेश स्तर की वीसी में खरीद से जुड़ेअधिकारियों ने बताया था कि ऑनलाइन गिरदावरियों पर पटवारियों की ओर से पी-35 का क्रमांक और तारीख को नहीं लिखा जा रहा है। इसके बाद राजस्थान राज्य सहकारी क्रय-विक्रय संघ लिमिटेड की प्रबंध निदेशक अर्चना सिंह ने 23 अप्रेल को ऑनलाइन प्रक्रिया में पी-35 का क्रमांक और तारीख लिखने की अनिवार्यता में शिथिलता के आदेश जारी किए हैं। यह सुविधा पोर्टल पर भी शुरू कर दी गई है।
Updated on:
24 Apr 2024 11:51 am
Published on:
24 Apr 2024 11:50 am
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