
बारिश से कई इलाके जलमग्न (फोटो: पत्रिका)
Rajasthan Weather Update: पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से आ रही नमी के असर से सीकर जिले में बारिश का दौर जारी है। जिले में मंगलवार सुबह से जिलेभर में जमकर बारिश हुई। चार दिन से बारिश के कारण दिन और रात का तापमान सामान्य तक पहुंच गया है। जिससे गर्मी और लू का असर पूरी तरह खत्म हो गया है।
मौसम केन्द्रों पर तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार 48 घंटों तक तेज हवाओं संग बारिश के आसार है। छह जून से मौसम शुष्क होने लगेगा। सीकर में सोमवार देर रात तेज बारिश हुई। जिला मुख्यालय पर मंगलवार सुबह करीब छह बजे ही बूंदाबांदी का दौर शुरू हो गया। इसके बाद करीब 30 मिनट तक तेज बारिश हुई। इसके बाद रिमझिम बरसात का दौर जारी रहा।
तेज बारिश के कारण शहर में नवलगढ़ रोड सहित कई निचले स्थानों पर पानी भर गया। बारिश के साथ नम हवाएं चलने के कारण मौसम सुहाना रहा। घरों में कूलर बंद हो गए। पानी भरने के कारण आवागमन बाधित रहा। दोपहर में हवाओं की रफ्तार कम होने के बाद बादल छंटे। शाम को मौसम सुहाना रहा। फतेहपुर में अधिकतम तापमान 28 डिग्री व न्यूनतम तापमान 21 डिग्री और सीकर में अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री व न्यूनतम तापमान 18 डिग्री दर्ज किया गया।
जिला मुख्यालय पर 24 घंटे के दौरान तेज बारिश के दौरान शहर में पानी निकासी के इंतजाम पूरी तरह फेल नजर आए। शहर के नवलगढ़ रोड, बस डिपो, सिल्वर जुबली रोड, बकरा मंडी, कारीगरान मोहल्ला, सालासर स्टैंड, लुहारू स्टैंड, बजाज रोड, राधाकिशनपुरा अंडरपास सहित कई स्थानों पर पानी भर गया। नालों की सफाई नहीं होने से गंदगी बहकर सड़कों पर बिछ गई। सड़क किनारे अस्थाई दुकान लगाकर आजीविका कमाने वाले लोगों को खासी परेशानी हुई। कई दुकानों में पानी घुस गया।
इसके चलते नवलगढ़ रोड पर ज्यादातर दुकानें दोपहर तक व कई जगह शाम तक बंद रही। इससे दुकानदारों में शहरी सरकार के खिलाफ आक्रोश नजर आया। दुकानदारों ने बताया कि बारिश से पहले इस बार नगर परिषद ने नालों की सफाई नहीं करवाई है। अब राधाकिशनपुरा अंडरपास, नवलगढ़ रोड जैसी जगह जहां पानी भर रहा है वहां आवागमन बंद किया जा रहा है। रही सही कसर शहर में जगह-जगह पानी और एलपीजी गैस पाइप लाइन की खुदाई के कारण खोदे गए गड्ढों में पानी भर गया। सड़क के किनारे खोदे गए इन गड्ढों के कारण कई वाहन चालक चोटिल भी हो गए तो कई हादसे का शिकार होते- होते बचे।
जिले में बरसों बाद नौतपा की शुरूआत से मानसूनी बादल छाने और बारिश होने से किसानों के चेहरों पर खुशी झलकने लगी है। समय से पहले मानसून की दस्तक देने के साथ ही किसानों ने खेतों की सुध लेनी शुरू कर दी है। आमतौर पर महाराष्ट्र में मानसून की दस्तक देने के करीब दस दिन बाद राजस्थान में मानसूनी बारिश शुरू हो जाती है लेकिन इस बार प्रदेश में दक्षिण पश्चिमी मानसून के समय से पहले पहुंचने की आस में किसानों ने खरीफ की अगेती बुवाई का मानस बना लिया है।
सीकर- 28 मिलीमीटर
लक्ष्मणगढ- ०4 एमएम
लोसल-17 एमएम
सीकर ग्रामीण-16 एमएम
रामगढ़ शेखावाटी- 14 एमएम
पाटन- 10 एमएम
खंडेला- 10 एमएम
नेछवा- ०8 एमएम
पलसाना-०6 एमएम
फतेहपुर- ०6 एमएम
शाम पांच बजे तक
लोसल-48 एमएम
नेछवा-०7 एमएम
रामगढ़ शेखवाटी- ०6 एमएम
नीमकाथाना-०5 एमएम
रींगस-०5 एमएम
खंडेला- ०5 एमएम
अजीतगढ-०3 एमएम
फतेहपुर- ०3 एमएम
श्रीमाधोपुर-०3 एमएम
सीकर- ०2 एमएम
Updated on:
04 Jun 2025 01:18 pm
Published on:
04 Jun 2025 11:09 am
बड़ी खबरें
View Allसीकर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
