पिछले चुनाव में खाता नहीं खुलने पर इस बार भाजपा ने मिशन 2023 के लिए बदली रणनीति
पिछले विधानसभा चुनाव में कमजोर प्रदर्शन के बाद इस बार भाजपा ने शेखावाटी में चुनाव की रणनीति बदल ली है। जातीय समीकरण से लेकर कुनबा बढ़ाकर कांग्रेस को इस बार गढ़ में घेरने की तैयारी है। भाजपा ने रणनीति के तहत सबसे पहले एक केन्द्रीय मंत्री की घर वापसी कराकर कांग्रेस को झटका दिया। पिछले एक सप्ताह में 20 से अधिक प्रमुख लोगों को पार्टी से जोडकऱ भाजपा ने कुनबा और बढ़ा लिया है। इधर, कांग्रेस की ओर से फिलहाल लगातार सरकार की ओर से की जा रही घोषणाओं को भुनाने की कोशिश की जा रही है। वहीं कई साल से अटके प्रोजेक्टों को भी आचार संहिता से पहले मंजूरी दिलाकर घोषणा कराई जा रही है। सीकर जिले में जहां दो दिन पहले मिनी सचिवालय की घोषणा के जरिए मुद्दे को भुनाने की कोशिश की। वहीं चूरू जिले में सुजानगढ़ को जिला बनाकर नाराजगी को दूर कराने का प्रयास किया गया है।
टिकटों को लेकर धकधक
भाजपा में टिकटों को लेकर हुई अब तक की रायशुमारी में कमजोर सीटों को सबसे पहले शामिल किया है। सूत्रों की माने तो भाजपा की ओर से पहले चरण में चार सीटों पर टिकटों की घोषणा हो सकती है। इसमें लक्ष्मणगढ़, दांतारामगढ़, फतेहपुर, सीकर सीट शामिल है। इधर, कांग्रेस में दो सीटों पर नए दावेदारों ने थोड़ा गणित बिगाड़ा है। चूरू जिले में भी भाजपा की ओर से पहले चरण में दो सीटों पर टिकट घोषित होने की आस है।
वर्ग सम्मेलन के जरिए बढ़ा रहे कुनबा
भाजपा ने टिकटों की घोषणा होने से पहले ही सभी विधानसभा क्षेत्रों में वर्ग सम्मेलन शुरू कर दिए है। इन सम्मेलनों के जरिए भाजपा की ओर से सभी विधानसभा क्षेत्रों में हर वर्ग के लोगों को सदस्यता दिलाने का अभियान भी जारी है। भाजपा की ओर से सीकर जिले में तीन हजार लोगों को इन सम्मेलनों के जरिए जोडऩे की तैयारी है।
जनता बताएगी वहीं होगा घोषणा पत्र
भाजपा ने इस बार घोषणा पत्र से पहले मतदाताओं से सुझाव लेना शुरू कर दिया है। इसके लिए आठों विधानसभा क्षेत्रों में रथ यात्रा के साथ सुझाव भी जुटाए जा रहे हैं। भाजपा नेताओं का दावा है कि इन्ही सुझावों के आधार पर जिले का घोषणा पत्र तैयार होगा।
श्रीमाधोपुर व खंडेला में बदलेंगे समीकरण
श्रीमाधोपुर विधायक दीपेन्द्र सिंह व खंडेला विधायक महादेव सिंह खंडेला इस बार चुनाव नहीं लडऩे का ऐलान कर चुके हैं। यहां उन्होंने अपने बेटों को उतारने की बात कही है। यदि विधायक अपनी बात पर कायम रहते हंै तो इन दोनों सीटों पर समीकरण बदलना लगभग तय है।
पार्टियों के साथ प्रत्याशी खुद करवा रहे सर्वे
पार्टियों की ओर से लगातार सर्वे के जरिए विधानसभा सीटों की ग्राउण्ड रिपोर्ट जुटाई जा रही है। वहीं इस बार कांग्रेस के कुछ प्रत्याशियों की ओर से भी अपनी कमजोरी व ताकत का पता लगाने के लिए सर्वे का सहारा लिया जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर जिले के दो वरिष्ठ विधायकों ने अपने तेवर बदल लिए हैं।
चुनावी कानाफूसी: टिकट से पहले सोशल जंग तेज, वायरल होने लगे वीडियो
भाजपा और कांग्रेस में टिकट की सूची से पहले सोशल जंग भी तेज हो गई है। भाजपा में पिछले दिनों शामिल एक गुरुजी का भी विरोधियों ने सोशल मीडिया पर एक पुराना वीडियो वायरल कर दिया। इसमें वह कह रहे है कि राजनीति में नहीं आना भाई...। विरोधियों ने इनके टिकट की दौड़ में आते ही वीडियो का पार्ट टू भी तैयार करा लिया। इधर भाजपा के पुराने दिग्गज का भी विरोधियों ने वीडियो वायरल कर दिया। इसमें वह दावा कर रहे है कि अपन तो टिकट बांटने वाले है....अपनी टिकट तो सबसे पहले आएगी। वहीं कांग्रेसी नेताओं के आपसी विवाद के वीडियो भी चुनावी समर में फिर से वायरल हुए हैं। सरकार की हर घोषणा के साथ इन वीडियो को वायरल कराया जा रहा है। भाजपा व कांग्रेस के कई दावेदारों ने विरोधियों के ऐसे वीडियो तैयार करा लिए हंै, बस इंतजार है तो टिकट की सूचियों का है। भाजपा ने तो टिकट वितरण के साथ शुरू होने वाली बगावत के लिए अभी से सभी विधानसभा क्षेत्रों में ड्रेमेज कन्ट्रोल के लिए प्रभारी भी लगा दिए हैं।