Rajasthan Vidhansabha Chunav: विधानसभा चुनाव में आधी आबादी के हक की हकीकत हलाहल सी कड़वी है। जिले की विधानसभाओं के आंकड़े इसकी बानगी है। इसके मुताबिक जिले में अब तक हुए 15 विधानसभा चुनाव में 1078 पुरुषों के मुकाबले अब तक महज 24 यानी 2.22 फीसदी महिला उम्मीदवार ही चुनावी मैदान में उतरी हैं
सीकर। विधानसभा चुनाव में आधी आबादी के हक की हकीकत हलाहल सी कड़वी है। जिले की विधानसभाओं के आंकड़े इसकी बानगी है। इसके मुताबिक जिले में अब तक हुए 15 विधानसभा चुनाव (Rajasthan Vidhansabha Chunav) में 1078 पुरुषों के मुकाबले अब तक महज 24 यानी 2.22 फीसदी महिला उम्मीदवार ही चुनावी मैदान में उतरी हैं। इसमें भी विधानसभा की दहलीज पर सिर्फ एक महिला विधायक पहुंच पाई है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है स्त्री- पुरुष समानता की बात राजनीति में कितनी दूर की कौड़ी है। अब तक के 15 विधानसभा चुनावों में से छह चुनाव में तो जिलेभर के विधानसभा क्षेत्र में कोई भी महिला प्रत्याशी मैदान में नहीं उतरी। 1952 के पहले चुनाव के अलावा 1962, 1967,1972, 1977 और 1980 के चुनाव महिला उम्मीदवार रहित हुए थे।
बसपा ने जताया ज्यादा भरोसा
विधानसभा चुनाव में महिला उम्मीदवार चुनने में बसपा ज्यादा उदार रही। बसपा ने चुनावों में अब तक तीन महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। जबकि भाजपा व भारतीय बहुजन पार्टी दो-दो और शिवसेना, दूरदर्शी पार्टी, इनेलो सहित सहित कांग्रेस ने अब तक महिलाओं पर एक-एक बार ही विश्वास जताया है।
एक महिला रही विधायक, एक चूकी
जिले की आठों विधानसभा के चुनाव में अब तक एक महिला प्रत्याशी ही चुनाव जीत सकी। सीकर विस क्षेत्र से 2003 में भाजपा से टिकट मिलने पर राजकुमारी शर्मा ने कांग्रेस नेता राजेंद्र पारीक को चुनाव हराकर जीत हासिल की थी। 2018 के चुनाव में फतेहपुर से भाजपा प्रत्याशी सुनीता कुमारी 860 मतों से कांग्रेस प्रत्याशी हाकम अली से पिछड़कऱ दूसरे स्थान पर रही थी।
शेखावाटी से अब तक आठ महिला विधायक
शेखावाटी की बात करें तो अंचल में अब तक आठ महिलाएं विधायक चुनी जा चुकी है। सीकर से राजकुमारी शर्मा के अलावा चूरू से हमीदा बेगम, कृष्णा पूनियां तथा झुंझुनूं से सुमित्रा सिंह, सुधा देवी, प्रतिभा सिंह, रीटा सिंह और संतोष अहलावत अलग- अलग विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव जीत चुकी है।