
समूह में दिखे तो अब होगी गिरफ्तारी, सोशल साइट पर भी पुलिस की पैनी नजर
सीकर। समूह में दिखना और सोशल साइट पर अनरगल पोस्ट अब लोगों को मुसीबत में डाल सकती है। प्रशासन ने पंचायतीराज चुनावों के मद्देनजर जिले में धारा 144 लागू कर दी है। जो 31 दिसम्बर की मध्य रात्रि से लागू हो गई। कार्यवाहक जिला मजिस्ट्रेट जयप्रकाश ने बताया कि जिले में पंचायतीराज चुनाव की प्रक्रिया स्वतंत्र एवं शांतिर्पूण वातावरण में सुव्यवस्थित ढंग से हो तथा सभी वर्ग के मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग भय मुक्त होकर कर सके, इसके लिए सभी नागरिकों के आचरण को अनुशासित रखा जाना आवश्यक है। इसके लिए कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर आग्नेया, लाठी, तलवार, फरसा, बरछी, भाला, या अन्य धारदार हथियार व यंत्रादि का प्रयोग अथवा प्रदर्शन नहीं करेगा, न ही अपने साथ लेकर चलेगा। यह प्रतिबंध सीमा सुरक्षा बल सैनिक, अद्र्ध सैनिक बल, राजस्थान सश पुलिस, सिविल डिफेन्स, होम गार्डस एवं उन कर्मचारियों पर लागू नहीं होंगे, जो कि कानून व्यवस्था के लिए हथियार रखने के लिए अधिकृत है। सिख समुदाय के व्यक्तियों को धाॢमक परम्परा के अनुसार निर्धारित कृपाण रखने की छूट होगी। राजनीतिक दलों को सार्वजनिक स्थानों पर चुनाव चिन्ह अथवा चुनाव ध्वज को प्रदॢशत करने के लिए छोटा बांस रखने पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। इस दौरान कोई भी व्यक्ति उत्तेजनात्मक एवं साम्प्रदायिक तनाव उत्पन्न करने वाली आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग एवं नारेबाजी नहीं करेगा, न ही इसके लिए किसी को उत्पे्ररित करेगा। आपत्तिजनक सामग्री का मुद्रण व प्रकाशन नहीं करेगा ।
जुलूस की लेनी होगी अनुमति
पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव के दौरान सभा व प्रचार की अनुमति लेनी होगी। प्रत्येक सभी राजनीतिक दल व निर्वाचन लडऩे वाले अभ्यर्थी चुनावी सभा, रैली, जुलूस, आदि का आयोजन एवं लाउडस्पीकर आदि के उपयोग की अनुमति संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट से प्राप्त करके ही करेंगे। लाउडस्पीकर व ध्वनि प्रसारण यंत्रों का प्रयोग रात 10 से सुबह छह बजे तक रहेगा।
सोसियल साइट पर रहेगी नजर
पंचायत चुनावों के दौरान सोसियल मीडिया पर प्रशासन की नजर रहेगी। इस दौरान कोई भी व्यक्ति या संस्था इंटरनेट तथा सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, ट्वीटर, व्हाट्सप,यूट्यूब आदि के माध्यम से किसी प्रकार का धाॢमक उन्माद, जातिगत द्वेष या दुष्प्रचार प्रतिबंधित रहेगा। सार्वजनिक एवं राजकीय सम्पतियों पर किसी तरह का नारा-लेखन या प्रति-चित्रण नहीं किया जाएगा और नहीं किसी तरह के पोस्टर, होॢडंग लग पाएंगे। किसी भी मंदिर, मस्जिद, गुरूद्वारा, गिरजाघर या अन्य धाॢमक स्थान का चुनाव प्रचार मंच के रूप में प्रयोग नहीं किया जाएगा।
Published on:
01 Jan 2020 11:31 am
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