
Sikar Jawan Mahesh Kumar Nitharwal martyr in Jammu Kashmir
श्रीमाधोपुर. जम्मू कश्मीर में तैनात शहीद महेश कुमार निठारवाल को सोमवार को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। राजस्थान के सीकर जिले में उनके पैतृक गांव बीजावाली में राजकीय व सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों ने बताया कि महेश दीपावली पर घर आने वाला था, लेकिन किसी ने सोचा भी नहीं था कि फौजी बेटा तिरंगे में लिपटकर घर लौटेगा।
शहीद महेश कुमार, सीकर राजस्थान
-बीजावाली तन हांसपुर निवासी महेश निठारवाल 6 राजरिफ बटालियन में जम्मू कश्मीर के द्रास सेक्टर में तैनात था। 19 अक्टूबर को भूस्खलन होने से वे शहीद हो गए थे।
-शहीद का पार्थिव देह रविवार शाम श्रीमाधोपुर पुलिस थाने में लाया गया। सोमवार सुबह तिरंगे में लिपटे शहीद महेश की पार्थिव देह बाइक रैली के साथ गांव लाई गई।
-लाडले की शहादत को नमन करने के लिए गांव जालपाली से लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई व शव यात्रा पर पुष्पा वर्षा की।
-मानपुरिया फाटक से गोशाला तक पूरे मार्ग में शहीद के अंतिम दर्शन के लिए लोगों की लाइन लगी थी। ब्रहमचारी मोड व एफसीआइ गोदाम पर स्कूली छात्रों व संगठनों ने शव यात्रा पर पुष्पवर्षा की।
-जैसे ही शहीद की पार्थिव देह बीजावाली पहुंची तो माहौल गमगीन हो गया। मां आंची देवी व वीरांगना सुमन का रो रोकर बुरा हाल हो गया।
-यहां से शहीद की पार्थिव देह को अंतिम संस्कार स्थल शहीद की पैतृक भूमि में ले जा गया जहां पर पुष्प चक्र अर्पित किए गए।
-दस माह के भतीजे युवराज व नौ माह की पुत्री अनुष्का ने मुखाग्रि दी। सैन्य टुकडी ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया व शहीद के सम्मान में हवाई फायर किए।
-अंतिम संस्कार से पूर्व शहीद के चाचा कालूराम व शहीद पुत्री अनुष्का को कलक्टर व सेना के अधिकारियों ने तिरंगा दिया व शहीद महेश की वर्दी उसके पिता गिरधारीलाल को प्रदान की गई।
शहादत पर गर्व
शहीद की अंत्येेष्टि के दौरान भारत माता तथा शहीद अमर रहे के जयकारे सुनकर सबकी आंखें नम हो गई। इस दौरान उनका भाई राजेश बोला कि मुझे भाई के खोने का गम जरूर है लेकिन भाई की शहादत पर फख्र भी है। भारत माता की रक्षा के लिए प्राण गंवाने वाला मेरा भाई सदैव अमर रहेगा। सैन्य बल को मजबूत बनाने के लिए भारत सरकार को सैनिकों पर ओर अधिक खर्च करना चाहिए।
जमीन को लेकर सवाल
प्रशासन ने गोचर भूमि बताकर मुख्य रोड से अंदर सिवायचक में देने की बात कही तो परिजनों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि लोगों ने गोचर भूमि पर अवैध कब्जे कर रखे हंै उनको कोई नहीं कहता, शहीद के लिए सरकार जमीन नहीं दे पा रही है। इससे नाराज परिजनों ने अपनी पैतिृक भूमि पर ही अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया।
इन्होंने दी श्रद्धाजंलि
विधायक झाबरसिंह खर्रा, जिला कलक्टर नरेश ठकराल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश अग्रवाल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष दीपेन्द्रसिंह शेखावत, एसडीएम ब्रहमलाल जाट, थानाधिकारी भगवानसहाय मीणा, सेवानिवृत कैप्टेन प्रभातीलाल सामोता, हांसपुर सरपंच मोहनलाल सैनी, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी सुरेन्द्रसिंह, आर्मी की तरफ से 6 राजरिफ बटालियन के सूबेदार श्रीराम सिंह, सूबेदार लीलाराम, जयपुर से आएकैप्टेन अपूर्व वालिया, नवीन कुमार ने ,सेवानिवृत सूबेदार मेजर ख्यालीराम, रतनलाल ने शहीद की पार्थिव देह पर पुष्प चक्र अर्पित किए।
Updated on:
23 Oct 2018 01:28 pm
Published on:
23 Oct 2018 01:18 pm
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