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सीकर के ये भाई-बहन हैं देश के सबसे वजनी बच्चे, एक बार फिर इसलिए आए चर्चा में

एसएमएस अस्पताल के चिकित्सकों का दावा, इस उम्र में देश में ऐसी सर्जरी कम सफल हुई , 2004 में पत्रिका में प्रकाशित होने के बाद पूर्व राष्ट्रपति कलाम ने शुरू की थी इलाज की पहल

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sikar ke bachhe

जयपुर/ सीकर. देशभर में वजनी बच्चों के रूप में चर्चा में आए सीकर के विकास की रविवार को एसएमएस अस्पताल के चिकित्सकोंं ने सफलता पूर्वक जटिल सर्जरी की। बचपन से अत्यधिक वजन होने के कारण विकास के घुटनों की कार्टिलेज खराब हो गई थी और पैर अन्दर मुड़ गए थे। एसएमएस अस्पताल के चिकित्सकों का दावा है कि 21 वर्ष की उम्र में घुटने की ऐसी सर्जरी के सफल केस देश में बहुत कम हैं।


सीकर के मालियों के ढाणी निवासी विकास का वजन 6 साल की उम्र में ही 63 किलो था। सामाजिक सरोकार के तहत बेरियाट्रिक सर्जरी के जरिए विकास का वजन तो कम कर दिया गया लेकिन तब तक घुटनों की कार्टिलेज खराब हो गई। ऐसे में बेरियाट्रिक सर्जरी के बावजूद विकास असामान्य जीवन जी रहा था। उसने दिल्ली एम्स तक इलाज के लिए चक्कर लगाए। फिर 6 महीने पहले एसएमएस अस्पताल के ऑर्थोपेडिक डॉ. आरएल दायमा के निर्देशन में डॉ. प्रशांत व डॉ. जितेश ने 2 फेज में विकास के पैर का ऑपरेशन किया। पैर ब्लॉन्ट रोग से ग्रसित पाए गए। घुटनों के कार्टिलेज को उठाकर बॉन ग्राफ्ट डालकर प्लेट लगाई गई। रविवार को सर्जरी की जांच की गई, जिसमें दोनों पैरों के ऑपरेशन सफल पाए गए।


2004 में पत्रिका ने प्रकाशित की थी खबर


2004 में राजस्थान पत्रिका ने सीकर के मालियों की ढांणी निवासी आशादेवी के तीनों बच्चों के भारी-भरकर वजन और बीमारी का समाचार प्रकाशित किया था। इसमें बताया था कि आशा की 26 महीने की बेटी का वजन 45 किलो, चार साल के बेटे पप्पू का वजन 51 और सबसे बड़े बेटे 6 साल के विकास का वजन 63 किलो है। इस पर पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने जिला प्रशासन को पत्र भेजकर तीनों के इलाज की पहल की थी। इसके बाद तीनों का इलाज शुरू किया गया था।