
सीकर. शिक्षा विभाग के सुरक्षित स्कूल, सुरक्षित राजस्थान अभियान के तहत मंगलवार को प्रधानजी का जाव में गुड टच, बैड टच को लेकर कार्यशाला का आयोजन हुआ। तीन चरणों में हुई कार्यशाला में मास्टर्स ट्रेनर्स ने 12 ब्लॉक के 1926 शिक्षकों को सुरक्षित व असुरक्षित स्पर्श के साथ स्कूल के माहौल को सुरक्षित रखने का प्रशिक्षण दिया। इस दौरान मास्टर्स ट्रेनर्स ने बताया कि बैड टच का शिकार लड़किया ही नहीं लडक़े भी हो सकते हैं। ऐसे में दोनों को ही इसकी जानकारी देने के साथ नो, गो और टेल का फॉर्मूला सिखाना चाहिए। यानी कोई व्यक्ति यदि उन्हें गलत ढंग से स्पर्श करे तो उन्हें जोर से ‘नो‘ कहते हुए वहां से भाग जाना चाहिए। इसके बाद उसकी जानकारी किसी विश्वसनीय को बतानी चाहिए। कार्यक्रम में डीईओ शीशराम कुल्हरी, समसा एपीसी विक्रम सिंह शेखावत, एपीसी रामेश्वर सिंह बिजारणियां, पीओ रामसिंह शेखावत, रश्मि खन्ना, विश्वनाथ सिंह, राजेश पारीक, इंद्राज देवी, एसआरजी मंजू देवी, सरोज लोयल आदि मौजूद रहे।
यूं बताया गुड व बैड टच
प्रशिक्षण में बताया कि माता- पिता का स्नेहिल स्पर्श, बच्चों को नहलाते समय मां का स्पर्श, दोस्तों व परिवार में खुशियों के पल में स्पर्श, आशीर्वाद रूप में स्पर्श, शिक्षकों का शाबासी तथा चिकित्सकों का माता- पिता की उपस्थिति में स्पर्श गुड टच है। जबकि असहज करने वाला होठों, छाती, कूल्हे व प्राइवेट पार्ट का स्पर्श बैड टच है। जिसकी जानकारी शिक्षकों व अभिभावकों को बच्चों के सामने बार- बार दोहराते रहनी चाहिए।
26 को बनेगा रिकॉर्ड
अंचल के 12 ब्लॉक की सभी स्कूलों से एक- एक शिक्षक को वर्कशॉप में प्रशिक्षण दिया गया है। अब ये शिक्षक स्कूलों में बच्चों को 26 अगस्त को गुड व बैड टच का प्रशिक्षण देंगे। कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को ये प्रशिक्षण सुबह आठ से 12 बजे तक एक साथ दिया जाकर सुरक्षित स्कूल, सुरक्षित राजस्थान अभियान के तहत अनूठा रिकॉर्ड बनाया जाएगा।
विक्रम सिंह शेखावत, कार्यवाहक एडीपीसी, समसा, सीकर।र्
Updated on:
23 Aug 2023 12:30 pm
Published on:
23 Aug 2023 12:22 pm
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