Vidhyarthi Seva Kendra in Sikar : शिक्षा राज्य मंत्री ने कि राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का विद्यार्थी सेवा केन्द्र सीकर में खोलने की घोषणा की।
सीकर.
Vidhyarthi Seva Kendra in Sikar : प्रदेश के सरकारी स्कूलों में वर्षो से नकारा सामान से अटे 25 हजार कमरे अब जल्द खाली होंगे। नकारा सामान की नीलामी की विभाग ने तैयारी कर ली है। विभाग सितम्बर तक सभी स्कूलों के नकारा सामान को नीलाम करेगा। शिक्षा राज्य मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ( Govind Singh Dotasra ) ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए है। उन्होंने कहा कि इससे विभाग को जहां 30 से 40 करोड़ तक आय होगी तो विद्यार्थियों के बैठने के लिए कक्षा-कक्ष मिलेंगे। उन्होंने कहा कि 15 जुलाई तक सभी विद्यालयों में पाठ्य पुस्तक पहुंच जाएगी। उन्होंने शिक्षानगरी सीकर के विद्यार्थियों के लिए बड़ी घोषणा भी की। पत्रकारों से बातचीत के दौरान शिक्षा राज्य मंत्री ने कि राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ( Rajasthan board Of Secondary Education ) का विद्यार्थी सेवा केन्द्र सीकर में खोलने की घोषणा की। अब अंकतालिका व नाम परिवर्तन सहित अन्य कार्यो के लिए विद्यार्थियों व स्कूल संचालकों को अजमेर नहीं जाना पड़ेगा। विद्यार्थी सेवा केन्द्र डाइट परिसर में संचालित होगा। विभाग ने 25 लाख रुपए का बजट स्वीकृत किया है।
किस मुद्दे पर क्या कहा
शिक्षा नीति की समीक्षा कर आपत्ति भेजेंगे
शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार नई शिक्षा नीति लेकर आ रही है। इसकी विशेषज्ञों की कमेटी से राजस्थान की परिस्थतियों के हिसाब से समीक्षा कराएंगे। इसके बाद आपत्ति केन्द्र सरकार को भेजी जाएगी।
ऑनलाइन पोर्टल से होंगे तबादले
प्रदेश में आगामी समय में तबादले ऑनलाइन पोर्टल के जरिए ही होंगे। तबादला नीति बनाने के लिए अन्य राज्यों के तबादला पैटर्न का भी अध्ययन कराया जा रहा है।
भाजपा सरकार से ज्यादा पैसे लेकर आए
उन्होंने कहा कि पिछली बार राज्य व केन्द्र दोनों में भाजपा की सरकार थी। इस दौरान शिक्षा विभाग को 5500 करोड़ का बजट आवंटित किया था। लेकिन इस बार राज्य में कांगे्रस की सरकार होते ही इस तरह का विजन पेश किया कि केन्द्र की भाजपा सरकार को 6500 करोड़ का बजट देना पड़ा।
पदोन्नति: पीटीआई व पुस्तकालयध्यक्षों को जल्द राहत
शिक्षा विभाग में लंबे अर्से से पीटीआई व पुस्तकालध्यक्षों की पदोन्नति नहीं हुई है। इस कारण कई कर्मचारी तो ऐसे है जो जिस पद पर नौकरी लगे उसी से सेवानिवृत्त हो जाएंगे। इसके लिए विभाग ने तैयारी कर ली है।
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प्रबोधक: पहली बार बनेंगे वरिष्ठ प्रबोधक भी
शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि कभी किसी ने प्रबोधकों की पदोन्नति के बारे में भी नहीं सोचा। इस कारण प्रबोधक पिछले कई सालों से परेशान है। अब प्रबोधकों की पदोन्नति करते हुए वरिष्ठ प्रबोधक के पद पर लगाया जाएगा।
सख्ती: कम नामांकन वालों पर गाज
शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि बोर्ड परीक्षा परिणाम में फिसड्डी रहने वाले शिक्षकों के खिलाफ पहली बार सख्त कदम उठाया है। वहीं बिना नामांकन के बाद भी जमे उर्दु व वाणिज्य संकाय के व्याख्याताओं को दूसरे स्थानों पर भेजा जाएगा। अब 80 से अधिक विशेष शिक्षकों को ज्यादा नामांकन वाले स्कूलों में भेजा जाएगा।
फीस नियंत्रण विधेयक: पिछली सरकार को जमकर घेरा
फीस विधेयक के मामले में कहा कि कि भाजपा सरकार ने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए विधेयक पेश कर दिया। इसमें कई तरह की खामियां थी। इस कारण न्यायालय में कई याचिकाएं दर्ज हो गई। इसलिए विभाग कार्रवाई नहीं कर सकता है। मंत्री ने कहा कि भाजपा ने शिक्षा को प्रयोगशाला बनाकर रख दिया था।
( Education News )