
Wheat Price Hike: गेहूं के भाव बढ़ने से त्योहारी सीजन में आम लोगों को महंगाई की मार झेलनी पड़ेगी। इसका असर आटे के भावों पर भी नजर आने लगा है। खुले में बिकने वाले आटे की कीमत एक रुपए प्रति किलो तक बढ़ गए हैं।
वहीं गेहूं के प्रति क्विंटल भाव तीन सौ रुपए तक बढ़ गए हैं। जबकि पैक्ड आटे के एक से दो रुपए बढ़कर 33 रुपए प्रति किलो तक जा रहे हैं। व्यापारियों की मानें तो पिछले दिनों हुई बारिश के कारण गेहूं का स्टॉक काफी हद तक खराब गया है। मांग बढ़ने के साथ गेहूं की सीमित आपूर्ति के कारण कीमतों में तेजी आई है। गेहूं आगे और महंगा हो सकता है। चिंताजनक बात है कि मौसम अनुकूल नहीं होने से फिलहाल रबी की बुवाई भी कम रहने के आसार है।
यूं मिल सकती है राहत
व्यापारियों के अनुसार फिलहाल पिछले साल की तुलना में अभी सरकार के पास 1.7 मिलियन मीट्रिक टन ज्यादा स्टॉक है। केन्द्र सरकार आम आदमी को राहत देने के लिए खुले बाजार में अपने स्टॉक में जमा गेहूं बेचे तो आम आदमी को त्योहारी सीजन में राहत मिल सके।
रूस-यूक्रेन युद्ध का असर
रूस और यूक्रेन में गेहूं अगस्त में तैयार होकर सितम्बर व अक्टूबर में भारत में आयात होता है। जिस कारण गेहूं के भाव साल भर स्थिर रहते हैं लेकिन इस बार वहां गेहूं की बुवाई कम रही है। वहीं युद्ध के दौरान वहां के बंदरगाह नष्ट होने से गेहूं की सप्लाई दूसरे देशों में नहीं हुई है। इसके कारण मांग के अनुसार गेहूं की सप्लाई नहीं हो सकी। यही कारण है कि बाजार में गेहूं के भाव 2400 से तीन हजार रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच है। इसके अलावा मिल क्वालिटी के आटे के भाव भी बढ़े हैं।
मांग के अनुसार सप्लाई नहीं होने से रूस-यूक्रेन युद्ध के असर से गेहूं के भाव में तेजी आई है। इस बार गेहूं कम होने के कारण सालभर गेहूं के भाव तेज रहने के आसार है।
उमेश कुमार धूड, गेहूं के थोक व्यापारी
गेहूं के भाव बढ़ने से खुले में बिकने वाला आटा और ब्रांडेड पैक्ड आटे के भाव एक से दो रुपए तक बढ़ गए हैं। आगामी दिनों में मांग बढ़ने से आटे के भाव ज्यादा रहेंगे।
रवि मोहिनानी, खुदरा किराणा विक्रेता
Published on:
01 Nov 2023 11:52 am

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